Israel Iran War: इजरायल का दावा, ईरान के आसमान पर अब हमारा कब्ज़ा, सऊदी और UAE ने मार गिराए मिसाइल
Middle East में तनाव काफी बढ़ गया है। इजरायल की सेना ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उसने ईरान के 100 से ज़्यादा एयर डिफेंस सिस्टम और लगभग 120 राडार सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसके बाद अब इजरायल के लड़ाकू विमान ईरान के आसमान में बिना किसी रोक-टोक के आज़ादी से उड़ान भर रहे हैं। इस बड़े हमले के जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिससे पूरे गल्फ क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
सऊदी अरब और UAE तक पहुँचा असर
ईरान ने इजरायल पर अपना 53वां बड़ा हमला किया है। इसमें पहली बार Sejjil बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों का सीधा असर गल्फ देशों की सुरक्षा पर भी पड़ा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 13 से 15 मार्च के बीच उनके एयरस्पेस में घुसे लगभग 50 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट किया गया। इसके अलावा UAE के रक्षा मंत्रालय ने भी 15 मार्च को 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 6 ड्रोन को हवा में ही मार गिराने की जानकारी दी है।
फ्लाइट्स और एयरस्पेस बंद होने की जानकारी
इस युद्ध का असर गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले यात्रियों पर सीधा पड़ रहा है। सुरक्षा कारणों से कई जगहों पर कमर्शियल फ्लाइट्स रोक दी गई हैं और एयरस्पेस से जुड़े नए नियम लागू किए गए हैं।
- ईरान और इराक: दोनों देशों का एयरस्पेस सिविलियन उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
- इजरायल: इंटरनेशनल कमर्शियल उड़ानों पर रोक है और सिर्फ गिने-चुने मिलिट्री फ्लाइट्स को परमिशन मिल रही है।
- सऊदी अरब: इराक और पर्शियन गल्फ से सटे बॉर्डर इलाकों में सिविलियन एयरस्पेस को बंद कर दिया गया है।
इजरायल के हमले और अमेरिका का रुख
इजरायली सेना (IDF) ने पिछले 24 घंटे में ईरान के पश्चिमी और मध्य इलाकों में 200 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया है। Isfahan एयरबेस और ईरानियन स्पेस आर्गेनाइजेशन के रिसर्च सेंटर को तबाह कर दिया गया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने बताया कि उनका यूरेनियम भंडार अब मलबे के नीचे दब चुका है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के Kharg Island पर मौजूद मिलिट्री टारगेट को पूरी तरह खत्म कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह अभी युद्ध रोकने के किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं।




