Trump का बड़ा ऐलान: ईरान के ड्रोन सेक्टर को कर रहे तबाह, सऊदी अरब में 50 ड्रोन मार गिराए गए
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 16 मार्च 2026 को साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना ईरान के ड्रोन बनाने वाले ठिकानों को सीधा निशाना बना रही है। इसके जवाब में ईरान की तरफ से भी लगातार हमले हो रहे हैं, जिसका असर खाड़ी देशों में रह रहे लोगों पर भी पड़ रहा है। सऊदी अरब और UAE जैसे देशों ने आम जनता के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रियाद और पूर्वी प्रांत की तरफ आ रहे लगभग 50 से 51 ईरानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया है।
अमेरिका और इजरायल का संयुक्त ऑपरेशन
28 फरवरी को शुरू हुए Operation Epic Fury के तहत अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर कार्रवाई कर रहे हैं। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया है कि हमलों की रफ्तार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है। हर घंटे दोनों देशों की सेनाएं ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर बम गिरा रही हैं। CENTCOM के आंकड़ों के अनुसार, इन लगातार हमलों के कारण ईरान की ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता 85% से 95% तक खत्म हो चुकी है। हाल ही में खार्ग आइलैंड पर भी हमला किया गया था, जहां तेल सुविधाओं को सुरक्षित रखते हुए 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को तबाह किया गया।
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर असर
इस युद्ध का सीधा प्रभाव सऊदी अरब और UAE में काम कर रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों पर भी दिख रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि सऊदी सरकार ने हमलों को रोकने के लिए अपनी वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखा है। अधिकारियों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं और रिहायशी इलाकों में निगरानी काफी बढ़ा दी है।
- सऊदी अरब में ड्रोन नष्ट: 50 से 51 ड्रोन को रियाद और पूर्वी प्रांत में सफलतापूर्वक नष्ट किया गया।
- तेल रिफाइनरी सुरक्षित: शायबाह (Shaybah) जैसे बड़े तेल क्षेत्रों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन 100% ड्रोन रोके जाने से उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा।
- नया ईरानी नेतृत्व: अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अब मोजतबा खामेनेई ईरान की कमान संभाल रहे हैं।
सैन्य नुकसान और रक्षा तकनीक
इस संघर्ष में अमेरिकी सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा है। पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक लगभग 140 से 200 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं और 13 सैनिकों की जान भी गई है। ईरान के ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका 10,000 Merops इंटरसेप्टर ड्रोन का उपयोग कर रहा है। अभी इन ड्रोन की कीमत करीब 14,000 से 15,000 डॉलर प्रति यूनिट है, जिसे बड़े पैमाने पर बनाकर 3,000 डॉलर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। Trump का कहना है कि ईरान के रक्षा और निर्माण क्षेत्र को तबाह करने का काम अब लगभग पूरा हो चुका है।




