इस्राइल ने किया खुलासा, PM Modi के लौटने के 2 दिन बाद ही ईरान पर हुआ हमला, जानिए पूरा मामला
भारत में इस्राइल के राजदूत रुवेन अज़ार ने ईरान पर हुए सैन्य हमलों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने साफ किया है कि ईरान पर हमला करने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे के खत्म होने के बाद लिया गया था। यह बयान उन दावों को खारिज करने के लिए दिया गया है जिनमें कहा जा रहा था कि पीएम मोदी के दौरे के समय ही हमले की योजना बन गई थी। 16 मार्च 2026 को ANI से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस्राइल और अमेरिका का ईरान पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है बल्कि वे क्षेत्रीय शांति चाहते हैं।
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पीएम मोदी के दौरे और हमले का क्या है कनेक्शन
राजदूत रुवेन अज़ार ने हमले की टाइमिंग को लेकर कई बातें साफ की हैं।
- 25 और 26 फरवरी 2026 को पीएम मोदी इस्राइल के दो दिवसीय दौरे पर गए थे।
- हमले का फैसला दौरे के दो दिन बाद यानी 28 फरवरी को इस्राइली सिक्योरिटी कैबिनेट ने लिया।
- उन्होंने साफ किया कि पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान इस हमले की कोई चर्चा या योजना नहीं थी।
- हमले का समय खुफिया जानकारी के आधार पर तय किया गया था।
- इस दौरे में भारत और इस्राइल के बीच रक्षा, AI तकनीक और व्यापार को लेकर 17 अहम समझौते हुए।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा असर
ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों पर भी पड़ सकता है।
- इस्राइल ने जानकारी दी है कि साझा ऑपरेशन के बाद ईरान के रक्षा सिस्टम कमजोर हुए हैं और मिसाइल हमले घटकर दिन में करीब 10 रह गए हैं।
- हालिया हमलों में इस्राइल और खाड़ी क्षेत्रों में 12 लोगों की जान जाने की खबर है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
- इसे देखते हुए नई दिल्ली ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।
- भारत सरकार खाड़ी देशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार बातचीत कर रही है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
- राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पूरी तरह स्वस्थ हैं और सोशल मीडिया की अफवाहें गलत हैं।




