चीन ने अमेरिका और इजरायल को दी कड़ी चेतावनी, कहा मध्य पूर्व में तुरंत रोके सैन्य हमले
चीन के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने की मांग की है। चीन ने कहा है कि अगर इस इलाके में तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। यह बयान तब आया है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने साफ तौर पर कहा है कि तुरंत सीजफायर करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मांग है।
हमलों का कारण और दुनिया पर असर
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया भर में व्यापार और ऊर्जा के लिए एक बहुत जरूरी रास्ता है। इस इलाके में किसी भी तरह की अशांति से ग्लोबल इकॉनमी को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN) की अनुमति के हुए हैं। चीन का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय कानून का भारी उल्लंघन हुआ है और इससे शांति भंग हो रही है।
ईरान की मीडिया के अनुसार वहां की सेना ने होर्मुज के रास्ते को जहाजों के लिए बंद कर दिया है। इसे अमेरिका और इजरायल के हमलों के कारण असुरक्षित घोषित किया गया है जिससे व्यापार में भी बाधा आ रही है।
समुद्री व्यापार और आम लोगों पर पड़ा असर
लड़ाई शुरू होने के बाद से ईरान द्वारा कम से कम 16 जहाजों और तेल टैंकरों पर हमले किए गए हैं। इससे मध्य पूर्व के देशों के बीच व्यापार और इस क्षेत्र में रहने वाले आम लोगों व प्रवासियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
चीन के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की दुश्मनी से किसी की भी जीत नहीं होगी। इससे केवल मध्य पूर्व के लोग एक खतरनाक स्थिति में पहुंच जाएंगे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
चीन और मिस्र दोनों देशों ने मिलकर यह बयान जारी किया है कि इस गंभीर समस्या को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। दोनों देश किसी भी तरह की ताकत के इस्तेमाल और युद्ध का कड़ा विरोध कर रहे हैं।




