Kuwait Govt Action: कुवैत ने भंग किया दो बड़े को-ऑपरेटिव सोसाइटी का बोर्ड, पैसों की हेराफेरी पर हुआ कड़ा एक्शन
कुवैत सरकार ने वित्तीय और प्रशासनिक उल्लंघनों के कारण मुबारक अल-कबीर और अल-कुरैन को-ऑपरेटिव सोसाइटी के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. सामाजिक मामलों, परिवार और बचपन मामलों की मंत्री डॉ. अमथल अल-हुवैलाह ने इस बात की आधिकारिक घोषणा की है. जांच और निगरानी में इन दोनों सोसाइटी के अंदर कई तरह की गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया. मंत्रालय ने बताया है कि अब इस मामले को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के पास कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला और नए इंतजाम?
मंत्रालय ने बताया कि लगातार मॉनिटरिंग के बाद यह फैसला लिया गया है. को-ऑपरेटिव कानून के तहत सरकार को यह अधिकार है कि शेयरधारकों के पैसे को खतरे में डालने वाले या नियमों को तोड़ने वाले किसी भी बोर्ड को सस्पेंड कर दिया जाए.
- अस्थायी बोर्ड का गठन: दोनों को-ऑपरेटिव सोसाइटी के कामकाज को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए अस्थायी बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है.
- संपत्ति पर रोक: पुराने बोर्ड सदस्यों और कर्मचारियों को अब किसी भी तरह के फंड या आधिकारिक दस्तावेजों का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है और उन्हें सारा चार्ज नए मैनेजमेंट को सौंपना होगा.
- कड़ी निगरानी: मंत्रालय अब गुड गवर्नेंस और डिजिटल सिस्टम के जरिए को-ऑपरेटिव सोसाइटी के कामकाज पर रियल-टाइम नजर रख रहा है ताकि वित्तीय बर्बादी को रोका जा सके.
प्रवासियों और आम लोगों की रोजमर्रा की चीजों पर क्या असर होगा?
कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए को-ऑपरेटिव सोसाइटी रोजमर्रा के सामान खरीदने का मुख्य जरिया है. सामाजिक मामलों के मंत्रालय के अधिकारी डॉ. बदर अल-एनेजी ने साफ किया है कि इस प्रशासनिक बदलाव का असर खाने-पीने की चीजों की सप्लाई पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा. सामानों की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए इमरजेंसी प्लान लागू कर दिए गए हैं और फूड सिक्योरिटी पूरी तरह स्थिर है.
हाल ही में 11 और 12 मार्च को वाणिज्य मंत्रालय ने मुबारक अल-कबीर और जाहरा क्षेत्रों में कीमतों की निगरानी करते हुए 7 मार्केट बंद किए थे. इन जगहों पर लोकल सब्जियों और चिकन के दामों में बिना वजह की गई बढ़ोतरी के 32 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे. मंत्री डॉ. अमथल अल-हुवैलाह ने सख्त हिदायत दी है कि शेयरधारकों का पैसा सरकार के लिए ‘रेड लाइन’ है और किसी भी तरह के वित्तीय घोटाले पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिससे लोगों का भरोसा बना रहे.




