Kuwait और Jordan के बीच फोन पर हुई अहम बातचीत, बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए नागरिकों के लिए अलर्ट
कुवैत और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के बीच 16 मार्च 2026 को फोन पर एक अहम बातचीत हुई है. कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) और कुवैत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है. इस बातचीत का मुख्य मुद्दा गल्फ और आस-पास के क्षेत्रों में बढ़ रहा सैन्य तनाव था. जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अयमान अल-सफ़दी ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा को फोन कर इस गंभीर मामले पर चर्चा की.
सैन्य तनाव और सुरक्षा पर क्या हुई चर्चा?
दोनों देशों के मंत्रियों ने इलाके में बढ़ रहे खतरनाक सैन्य तनाव और उसके असर पर विस्तार से बात की. पिछले कुछ हफ्तों में ड्रोन और मिसाइल हमलों जैसी घटनाएं देखी गई हैं, जिसके बाद यूएन सिक्योरिटी काउंसिल ने भी एक प्रस्ताव पास किया था. कुवैत और जॉर्डन ने साफ कर दिया है कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन और नागरिक ठिकानों पर हमले स्वीकार नहीं किए जाएंगे. दोनों नेताओं ने इस संकट को रोकने और किसी बड़े युद्ध से बचने के लिए कूटनीतिक तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया.
गल्फ में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों पर असर
इस सैन्य तनाव का सीधा असर गल्फ में रहने वाले आम लोगों और भारत से काम करने गए प्रवासियों पर भी पड़ सकता है. हालात को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन, गृह मंत्रालय और सिविल डिफेंस की तरफ से जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बनाए गए नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है. आधिकारिक सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर आत्मरक्षा का अधिकार पूरी तरह सुरक्षित है.




