Saudi Arabia Zakat Rule: सऊदी अरब में जकात अल-फितर का समय तय, जानिए नमाज से पहले क्या है नियम
सऊदी अरब में रमजान का महीना अपने आखिरी चरण में है और ईद की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बीच सऊदी अरब के वरिष्ठ विद्वानों की परिषद (Council of Senior Scholars) के सदस्य शेख सालेह अल-फौजान ने जकात अल-फितर (Zakat Al-Fitr) जमा करने का सही समय बताया है। सऊदी में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जकात कब और कैसे देना है ताकि वह सही तरीके से लागू हो सके। यह नियम गल्फ में काम करने वाले हर भारतीय और अन्य मुस्लिम प्रवासियों पर भी समान रूप से लागू होता है।
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जकात अल-फितर देने का सही समय क्या है?
शेख सालेह अल-फौजान के आधिकारिक बयान के अनुसार जकात अल-फितर देने का समय रमजान के आखिरी दिन सूरज डूबने के साथ शुरू होता है। यह समय ईद की नमाज शुरू होने से ठीक पहले खत्म हो जाता है। लोगों की सुविधा के लिए इसे रमजान खत्म होने से एक या दो दिन पहले भी दिया जा सकता है।
नियमों में यह साफ किया गया है कि जकात की रकम या अनाज जरूरतमंदों तक ईद की नमाज से पहले पहुंच जाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति ईद की नमाज के बाद जकात देता है तो उसे जकात अल-फितर नहीं माना जाएगा। नमाज के बाद दिया गया दान सिर्फ एक आम दान (Sadaqah) कहलाएगा। इसलिए समय का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।
कितना देना होगा जकात और कैसे जमा करें
जकात अल-फितर हर उस मुस्लिम व्यक्ति पर अनिवार्य है जिसके पास अपनी जरूरत से ज्यादा एक दिन और रात का खाना मौजूद है। यह घर के हर सदस्य चाहे वह पुरुष हो, महिला हो या बच्चा, सभी की तरफ से दिया जाता है। आधिकारिक नियमों के अनुसार इसके लिए लगभग 2.5 से 3 किलो स्थानीय मुख्य भोजन जैसे चावल, गेहूं या खजूर देना होता है।
सऊदी अरब में मौजूद भारतीय और अन्य प्रवासी सीधे अनाज दान कर सकते हैं या फिर सरकार के आधिकारिक प्लेटफॉर्म Ehsan और ZATCA के जरिए ऑनलाइन रकम भी जमा कर सकते हैं। बाजार के हिसाब से प्रति व्यक्ति यह रकम आमतौर पर 20 से 25 रियाल के बीच होती है। सरकार लोगों से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अपील कर रही है ताकि मदद सही समय पर सही लोगों तक पहुंच सके।




