Gulf Return Update: खाड़ी देशों से 2 लाख से ज्यादा भारतीयों की हुई वापसी, ईरान से सड़क के रस्ते ऐसे निकल रहे लोग
विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी 2026 के बाद से अब तक खाड़ी देशों से लगभग 2 लाख 20 हजार से ज्यादा भारतीय अपने देश लौट चुके हैं। ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। कई भारतीय ईरान से सड़क के रास्ते अर्मेनिया और अज़रबैजान की सीमा पार कर चुके हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मदद के लिए अर्मेनिया सरकार का शुक्रिया अदा किया है।
ईरान से बाहर निकलने के क्या हैं मौजूदा आंकड़े?
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान से भारतीय लगातार सुरक्षित रास्तों से बाहर निकल रहे हैं। इसके लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है और भारतीय दूतावास वीजा और इमिग्रेशन में पूरी मदद कर रहा है।
- अर्मेनिया: ईरान से सड़क मार्ग के जरिए 550 भारतीय अर्मेनिया की सीमा में दाखिल हुए हैं।
- अज़रबैजान: इसी तरह 90 भारतीय अज़रबैजान की सीमा पार कर चुके हैं।
- वर्तमान स्थिति: अभी ईरान में करीब 9,000 भारतीय मौजूद हैं, जिनमें छात्र, नाविक, कारोबारी और तीर्थयात्री शामिल हैं।
- छात्रों की सुरक्षा: तेहरान में रहने वाले भारतीय छात्रों को एहतियात के तौर पर राजधानी से दूर दूसरे सुरक्षित शहरों में भेज दिया गया है।
खाड़ी देशों में हवाई उड़ानों और अन्य देशों का क्या है हाल?
सोमवार 16 मार्च को UAE, सऊदी अरब, ओमान और कतर से कुल 45 उड़ानें भारत पहुंचने वाली हैं। विदेश मंत्रालय ने इन देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भी कई जरूरी कदम उठाए हैं और हर दूतावास में 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू कर दी गई है।
- कतर और कुवैत: कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुल गया है और वहां से तीन उड़ानें भारत आ रही हैं। कुवैत का एयरस्पेस अभी बंद है, लेकिन वहां से विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।
- बहरीन और इराक: इन देशों में मौजूद भारतीयों को सऊदी अरब के जरिए पारगमन (Transit) की सुविधा दी जा रही है।
- ओमान हादसा: 13 मार्च को ओमान के सोहर में दो भारतीयों की जान चली गई थी। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की तैयारी चल रही है और वहां किसी अन्य भारतीय के घायल होने की खबर नहीं है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह से काम कर रहा है। इसके साथ ही नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है ताकि लोगों के परिवारों को हर सही जानकारी समय पर मिल सके।




