Donald Trump Statement: ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत या चोट पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, जानिए क्या है पूरी खबर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। 16 मार्च 2026 को दिए गए एक बयान में ट्रंप ने कहा कि उन्हें मोजतबा खामेनेई के बारे में अलग-अलग बातें सुनने को मिल रही हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि वह घायल हैं, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि उनकी मौत हो गई है। इस बयान के बाद से पूरी दुनिया में हलचल तेज हो गई है और सऊदी न्यूज़ ने भी इस खबर को प्रमुखता से साझा किया है।
ईरान के सुप्रीम लीडर पर अमेरिका का क्या दावा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को एनबीसी और फॉक्स न्यूज ने भी रिपोर्ट किया है। ट्रंप ने पहले भी मोजतबा को लेकर बयान दिया था। इसके साथ ही अमेरिका के वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने भी एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा रही है। शुरुआती हमलों में ही मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे और उनके चेहरे पर काफी चोटें आई हैं।
- कई खूफिया रिपोर्ट में दावा है कि मोजतबा के पैर, हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें हैं।
- कुछ रिपोर्ट उनके कोमा में होने या अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचने की बात कह रहे हैं।
ईरान का जवाब और लीडर के ठिकाने पर सस्पेंस
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन सभी दावों को खारिज किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह से स्वस्थ हैं और हालात को संभाल रहे हैं। हालांकि ईरान ने अभी तक उनका कोई वीडियो या फोटो जारी नहीं किया है। 28 फरवरी 2026 को अली खामेनेई की मौत के बाद से मोजतबा ने कोई पब्लिक अपीयरेंस नहीं दिया है, सिर्फ एक लिखित संदेश टीवी पर पढ़ा गया था।
उनके ठिकाने को लेकर भी अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वह तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं कुवैती मीडिया ‘अल जरीदा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 10 मार्च को रूसी मिलिट्री एयरक्राफ्ट से गुपचुप तरीके से मॉस्को ले जाया गया है, जहां व्लादिमीर पुतिन के एक सुरक्षित मेडिकल सेंटर में उनकी सर्जरी हुई है।
अमेरिका ने रखा भारी इनाम और जासूसी के आरोप
इस पूरे मामले के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने मोजतबा खामेनेई और अन्य प्रमुख IRGC नेताओं की जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है। दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने उर्मिया में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर इजरायल के लिए जासूसी करने और सैन्य नेताओं की लोकेशन शेयर करने का आरोप है। ईरान ने ट्रंप के दावों को झूठा बताया है और इसे साइकोलॉजिकल वारफेयर का नाम दिया है।




