यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान पर सख्त कदम उठाते हुए उसके 16 व्यक्तियों और तीन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से देश में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को लेकर की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में इन अधिकारियों की अहम भूमिका थी। इस प्रतिबंध के बाद बैन किए गए लोग अब यूरोपीय संघ के देशों की यात्रा नहीं कर पाएंगे और न ही वहां कोई संपत्ति रख सकेंगे।

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प्रतिबंध में क्या-क्या शामिल है और किन पर गिरी गाज?

EU के इस नए नियम के तहत प्रतिबंधित लोगों की संपत्तियों को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, कोई भी यूरोपीय नागरिक या कंपनी इन्हें किसी भी तरह का फंड नहीं दे सकती। इस कार्रवाई में ईरान की कई बड़ी संस्थाएं और अधिकारी शामिल हैं।

  • The Mohammad Rasulullah Corps: यह संस्था तेहरान में प्रदर्शनों को दबाने के लिए जानी जाती है।
  • The Imam Reza IRGC: इन्होंने हाल ही में हुए विरोध को बहुत ही क्रूरता से दबाया था।
  • जेल और सुरक्षा संगठन: इन पर बाल अपराधियों के खिलाफ क्रूरता और मौत की सजा लागू करने का आरोप है।
  • अधिकारी: आंतरिक सुरक्षा के उप मंत्री, क्षेत्रीय IRGC कमांडर और न्यायपालिका के अधिकारी इसमें शामिल हैं।

इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण क्या है?

यह कार्रवाई ईरान में चल रहे भारी अस्थिरता के दौर के बाद सामने आई है। जनवरी 2026 में ईरान की सड़कों पर आम लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों को सुरक्षा बलों ने बहुत ही घातक तरीके से दबाया, जिसमें हजारों नागरिकों की जान जाने की खबर है। EU की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने अपने बयान में कहा कि यह कदम तेहरान के लिए एक साफ संदेश है कि उन्हें घरेलू दमन के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei का नाम इस लिस्ट में फिलहाल शामिल नहीं है।

क्या है इस क्षेत्र का मौजूदा हाल?

यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब पूरा मध्य पूर्व क्षेत्र एक बड़े तनाव से गुजर रहा है। अली खामेनेई की मौत के बाद 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया था, जिससे इलाके में संघर्ष बढ़ा है। इसके अलावा, EU के अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग रूट को सुरक्षित करने के लिए भी चर्चा कर रहे हैं। हाल के दिनों में बढ़ते विवाद के कारण यहां व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर भी काफी असर पड़ा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com