UAE on Iran: यूएई का UN में बड़ा बयान, कहा- ईरान ने खुद को किया अलग-थलग, अब तक 1400 से ज्यादा हमले
संयुक्त राष्ट्र (UN) मानवाधिकार परिषद में यूएई ने ईरान के मुद्दे पर एक कड़ा और अहम बयान दिया है। जिनेवा में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि जमाल अल मुशरख ने स्पष्ट किया कि युद्ध टालने की तमाम कोशिशों के बावजूद ईरान ने खुद को अपने पड़ोसियों से अलग-थलग कर लिया है। इसके साथ ही यूएई ने संयुक्त राष्ट्र के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें ईरान के हमलों को जवाबी कार्रवाई कहा गया था। यूएई का कहना है कि ऐसा कहना बिल्कुल गलत है और यह तीसरे देशों पर हमले को बेवजह सही ठहराने का एक बहाना है।
यूएई पर हमलों का असर और कड़ा जवाब
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी 2026 से अब तक यूएई पर 1400 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं। इन हमलों में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है और 142 लोग घायल हुए हैं। यूएई ने UN को बताया कि ईरान ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Dubai International Airport), पानी साफ करने वाले प्लांट्स और बुर्ज अल अरब जैसी आम जगहों को निशाना बनाया है। यूएई ने UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी रक्षा करने के अधिकार को दोहराया है और स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे इस युद्ध का हिस्सा नहीं है।
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने कहा कि ईरान का अलग-थलग होना कोई नारा नहीं बल्कि एक सच्चाई है। वहीं दूसरी तरफ ईरान के अधिकारी अली लारीजानी ने आरोप लगाया है कि यूएई जैसे देशों ने ईरान का साथ छोड़ दिया है। इस विवाद के बीच 136 देशों ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए UN सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्ताव 2817 का समर्थन किया है।
प्रवासियों और आम लोगों के लिए ज़रूरी नियम
इन हालात का सीधा असर यूएई में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर भी पड़ा है। थिक स्किन (Thick Skin) डिफेंस ऑपरेशन के तहत मिसाइलों को रोकने के कारण दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट के हवाई क्षेत्र को बीच-बीच में बंद किया जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करके ही घर से निकलें ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
इसके साथ ही यूएई सरकार ने साइबर सुरक्षा कानूनों को भी बहुत सख्त कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हमलों या मिसाइल रोके जाने का कोई भी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करना गैरकानूनी है। अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के ऐसे वीडियो शेयर करता है या पब्लिक सिक्योरिटी को डिस्टर्ब करने वाली पोस्ट डालता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




