West Asia Conflict: 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर भारत सरकार का एक्शन, MEA कल संसद समिति को देगी रिपोर्ट
वेस्ट एशिया में चल रहे भारी तनाव और युद्ध के हालात के बीच भारत सरकार एक्शन मोड में आ गई है। गल्फ और वेस्ट एशिया के देशों में काम कर रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और उनकी वतन वापसी (Repatriation) को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) 18 मार्च को एक अहम बैठक करने जा रहा है। विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की इस बैठक में MEA के अधिकारी मौजूदा हालात और भारतीयों को सुरक्षित निकालने के प्लान पर पूरी रिपोर्ट देंगे।
संसदीय समिति की बैठक में किन बातों पर होगी चर्चा?
बुधवार, 18 मार्च को होने वाली यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है। इस संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर हैं और इसमें लोकसभा और राज्यसभा के 30 सदस्य शामिल हैं। बैठक में मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चा की जाएगी:
- गल्फ और वेस्ट एशिया में रह रहे 90 लाख से 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा की मौजूदा स्थिति।
- अगर हालात ज्यादा बिगड़ते हैं तो भारतीयों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने (Repatriation) का पूरा प्लान।
- ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण पैदा हुई इमरजेंसी से निपटने की तैयारी।
- भारतीय छात्रों की पढ़ाई और उनके सुरक्षित स्थानों पर ट्रांसफर को लेकर बातचीत।
गल्फ में रहने वाले भारतीयों के लिए क्या हैं नियम और एडवाइजरी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा है कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। मौजूदा हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने कई खास एडवाइजरी जारी की हैं, जिनका पालन हर भारतीय को करना चाहिए:
- सफर से बचें: ईरान और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी बहुत जरूरी काम के यात्रा करने से साफ मना किया गया है।
- Embassy में रजिस्ट्रेशन: जो भी भारतीय इन देशों में रह रहे हैं, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी Indian Embassy या वाणिज्य दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
- फ्लाइट्स का इस्तेमाल: तेहरान में मौजूद लोगों को सलाह दी गई है कि कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए वे सुरक्षित स्थानों पर निकल जाएं।
- 24/7 हेल्पलाइन: तेल अवीव (इजराइल) में मौजूद भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन चालू कर दी है।
इसके अलावा, समंदर में काम करने वाले भारतीय नाविकों (Mariners) की सुरक्षा को लेकर भी सरकार अलर्ट है क्योंकि हाल ही में मर्चेंट जहाजों पर हुए हमलों में दो भारतीयों की जान जा चुकी है। भारत BRICS देशों के साथ मिलकर भी इस तनाव को कम करने की कोशिश कर रहा है।




