America Iran War: ईरान युद्ध के विरोध में ट्रंप के टॉप अधिकारी Joe Kent ने दिया इस्तीफा, अमेरिका में मची खलबली
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन के एक बड़े अधिकारी ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अमेरिका के नेशनल काउंटर-टेररिज्म सेंटर (NCTC) के डायरेक्टर Joe Kent ने 17 मार्च 2026 को अपना पद छोड़ने का ऐलान किया। उनका कहना है कि वह इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं कर सकते क्योंकि ईरान से अमेरिका को कोई सीधा खतरा नहीं था। इस फैसले के बाद अमेरिकी सरकार के अंदर चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं और खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों की चिंता भी बढ़ गई है।
Joe Kent ने इस्तीफे के पीछे क्या कारण बताए?
Joe Kent ने अपने इस्तीफे में साफ किया कि वह अपने जमीर के खिलाफ जाकर इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। उनका मानना है कि यह जंग अमेरिका के लोगों के फायदे के लिए नहीं लड़ी जा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मध्य पूर्व के विवादों में उलझने से अमेरिका को काफी नुकसान होगा।
- ईरान से अमेरिका की सुरक्षा को कोई तत्काल खतरा नहीं था।
- यह युद्ध इजराइल और उसकी लॉबी के भारी दबाव में शुरू किया गया है।
- यह सैन्य कदम ‘America First’ की नीति के पूरी तरह खिलाफ है।
- जुलाई 2025 में सीनेट की मंजूरी के बाद Kent को इस पद पर बैठाया गया था।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्या प्रतिक्रिया रही?
Joe Kent के इस्तीफे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने उन्हें सुरक्षा के मामले में कमजोर बताया और उनके जाने को प्रशासन के लिए एक अच्छी बात कहा। ट्रंप का कहना है कि जो अधिकारी ईरान को एक बड़ा खतरा नहीं मानते, उनकी प्रशासन में कोई जरूरत नहीं है। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अमेरिका ईरान पर अपना कड़ा रुख बरकरार रखेगा। वाइट हाउस ने ओमान जैसे देशों की तरफ से आ रहे युद्धविराम और शांति प्रस्तावों को भी ठुकरा दिया है।
ईरान और अमेरिका युद्ध के ताजा हालात
इस बीच खाड़ी देशों में सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है और इसका सीधा असर आम लोगों, अर्थव्यवस्था और गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों पर पड़ रहा है। ईरान ने खाड़ी में मौजूद तेल के ठिकानों और Strait of Hormuz पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इससे ग्लोबल शिपिंग और ऊर्जा सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
- इजराइल ने ईरान के बड़े सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani और Gholam Reza Soleimani को मार गिराने का दावा किया है।
- इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,300 और लेबनान में 880 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
- अमेरिकी सेना के 13 जवान मारे गए हैं और करीब 200 जवान घायल हुए हैं।
- UN की रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 तक 45 मिलियन लोग खाद्य संकट और भुखमरी का शिकार हो सकते हैं।





