अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ पिछले तीन हफ्ते से चल रहा सैन्य ऑपरेशन ‘Operation Epic Fury’ अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और जल्द ही खत्म होने वाला है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी और कुवैत की न्यूज़ एजेंसी KUNA ने भी इस खबर की पुष्टि की है। इस ऑपरेशन के खत्म होने की खबर से खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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Operation Epic Fury में क्या क्या हुआ

इस ऑपरेशन की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। अमेरिकी सेना ने इस दौरान कई बड़े कदम उठाए और कई अहम लक्ष्यों को पूरा किया।

  • अमेरिकी सेना ने ईरान के 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया।
  • ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता को 90 प्रतिशत तक कम कर दिया गया।
  • करीब 60 से ज्यादा ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट किया गया।

Donald Trump ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर बताया कि अमेरिका के ज्यादातर रणनीतिक लक्ष्य पूरे हो चुके हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि अब अमेरिका को इस मामले में NATO, जापान, ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण कोरिया की सैन्य मदद की कोई जरूरत नहीं है।

UAE और कुवैत में आम लोगों पर इसका असर

इस तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर देखने को मिला है। 17 मार्च को मिसाइल और ड्रोन के खतरे को देखते हुए UAE ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिसे हालात सामान्य होने पर दोबारा खोल दिया गया।

अबू धाबी में एक इंटरसेप्ट की गई मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक पाकिस्तानी नागरिक की जान चली गई। वहीं कुवैत नेशनल गार्ड ने भी पिछले 24 घंटों में अपनी सीमा के पास 7 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। जो लोग फ्लाइट से यात्रा करने वाले हैं या इन देशों में रहते हैं, उनके लिए स्थिति अब धीरे-धीरे काबू में आ रही है।

अमेरिकी अधिकारी का इस्तीफा और नए आदेश

इस युद्ध को लेकर अमेरिका के अंदर भी कुछ असहमति देखने को मिली है। नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के डायरेक्टर Joe Kent ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते क्योंकि ईरान से कोई सीधा खतरा नहीं था और यह सब इजरायल के दबाव में हुआ।

दूसरी तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने सभी सहयोगी देशों को एक निर्देश भेजा है। इसमें मांग की गई है कि 20 मार्च 2026 तक IRGC और हिजबुल्लाह को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित किया जाए। इसी बीच चीन ने ईरान, लेबनान और इराक जैसे देशों के लिए मानवीय सहायता भेजने का ऐलान किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.