UAE का बड़ा कदम, Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी गठबंधन में हो सकता है शामिल
यूएई (UAE) जल्द ही Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बन सकता है। यूएई के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गश ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने साफ किया कि अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है और इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब इस समुद्री रास्ते से व्यापार लगभग रुक गया है और दुनिया भर में तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है।
क्या है अमेरिका और यूएई का नया प्लान?
अनवर गर्गश ने एक कार्यक्रम में बताया कि व्यापार और ऊर्जा की सप्लाई को बिना रुकावट जारी रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस सुरक्षा पहल का नेतृत्व अमेरिका कर रहा है और व्हाइट हाउस जल्द ही एक बहुराष्ट्रीय गठबंधन का ऐलान कर सकता है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना है। फिलहाल इस योजना पर चर्चा हो रही है और नियम तय किए जा रहे हैं। अमेरिका ने पहले ही इस इलाके में अपने युद्धपोत तैनात कर दिए हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
आम लोगों और व्यापार पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz दुनिया भर के लिए बहुत अहम है क्योंकि यहां से ग्लोबल सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल और भारी मात्रा में LNG गुजरता है। हाल के दिनों में इस रास्ते पर तनाव बढ़ने से जहाजों का आना-जाना प्रभावित हुआ है। इसके कारण ग्लोबल मार्केट में जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं और जहाजों का बीमा (insurance) भी महंगा हो गया है। अगर यूएई और अमेरिका का यह सुरक्षा गठबंधन लागू होता है, तो इससे शिपिंग कंपनियों को राहत मिलेगी और तेल की सप्लाई सुचारू होने से आम आदमी पर महंगाई का बोझ कम होगा।
विमान सेवाओं और ईरान को लेकर क्या अपडेट है?
इस समुद्री तनाव का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों में क्षेत्रीय तनाव के कारण Dubai International (DXB) एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानों में रुकावट आई और कई फ्लाइट्स को Dubai World Central (DWC) की तरफ डायवर्ट किया गया। वहीं ईरान के मुद्दे पर यूएई ने कहा है कि मौजूदा संघर्ष खत्म होने के बाद एक ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए जिससे कोई देश अपने मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम से इलाके को डरा न सके। यूएई ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल उसकी ईरान के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है।




