UAE में ईरान के हमले पर शेख अब्दुल्ला ने जताया दुख, पाकिस्तान और नेपाल के नागरिकों की मौत पर दी सांत्वना
UAE के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री हिज हाइनेस शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने UAE पर हो रहे ईरान के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन हमलों में जान गंवाने वाले विदेशी नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। पिछले 18 दिनों से लगातार हो रहे इन हमलों में 2000 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए हैं जिससे रिहायशी इलाकों और एयरपोर्ट को निशाना बनाने की कोशिश की गई।
🗞️: UAE में ईरानी मिसाइल हमले में एक नागरिक की मौत, शेख थेयब ने पीड़ित परिवार को दी सांत्वना।
हमले में किन देशों के नागरिकों की गई जान
इन अकारण हमलों में कई विदेशी प्रवासियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है जो UAE में रहकर काम कर रहे थे। विदेश मंत्री ने पीड़ित परिवारों को अपनी सांत्वना दी है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। मारे गए लोगों में फिलिस्तीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के नागरिक शामिल हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
- पाकिस्तान: मुरीब ज़मान निज़ार, मुज़फ़्फ़र अली गुलाम और इस्माइल सलीम खान
- बांग्लादेश: अहमद अली
- नेपाल: दिबस श्रेष्ठ
- फिलिस्तीन: अला नादेर अवनी
फ्लाइट्स और आम लोगों की सुरक्षा पर क्या है अपडेट
17 मार्च 2026 को मिसाइल और ड्रोन के खतरे को देखते हुए UAE का नेशनल एयरस्पेस कुछ समय के लिए बंद किया गया था। हालांकि बाद में हालात नियंत्रण में आने पर Dubai और Abu Dhabi इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट्स की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि लंबी दूरी की एयरलाइंस जैसे Emirates और Etihad का संचालन सुचारू रूप से जारी रहे। लोगों की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहतरीन काम किया है और अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक जो थोड़ा नुकसान हुआ है वह हवा से गिरने वाले मलबे की वजह से हुआ है।
UAE सरकार ने उठाए सख्त कदम
UAE ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव 2817 पास कराया है जिसे 136 देशों का समर्थन मिला। इसके तहत ईरान से तुरंत हमले रोकने और नुकसान की भरपाई करने को कहा गया है। कूटनीतिक स्तर पर भी बड़ा कदम उठाते हुए UAE ने तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया है और अपने राजनयिक मिशन को वापस बुला लिया है। प्रशासन ने आम नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि सायरन बजने पर केवल गृह मंत्रालय के आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें।




