Iran War Effect: 17 दिन में 41% महंगा हुआ कच्चा तेल, UAE में ड्रोन हमले के बाद भाव 103 डॉलर के पार
ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। बुधवार 18 मार्च को ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 103.45 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। मात्र 17 दिनों के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में 41.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 27 फरवरी को जो कच्चा तेल 73 डॉलर पर था, वह अब 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। इसका सीधा असर दुनियाभर में ऊर्जा लागत और ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में अचानक क्यों आई इतनी तेजी?
इस भारी उछाल के पीछे मुख्य कारण युद्ध और तेल सप्लाई में हो रही रुकावट है। Strait of Hormuz, जहां से रोजाना औसतन 138 जहाज गुजरते थे, वहां अब 5 से भी कम जहाज निकल पा रहे हैं। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने बयान दिया है कि अब इस रास्ते की स्थिति युद्ध से पहले जैसी नहीं रहेगी। इसके अलावा कुछ और बड़े कारण सामने आए हैं:
- UAE में ड्रोन हमला: Fujairah Oil Industry Zone में एक ड्रोन हमले के कारण आग लग गई, जिससे तेल लोडिंग का काम आंशिक रूप से रोकना पड़ा।
- ग्लोबल सप्लाई में कमी: IEA के अनुसार इस महीने दुनिया भर में तेल की सप्लाई में 80 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आने का अनुमान है।
- सैन्य तनाव: अमेरिकी, इजरायली और ईरानी सेनाओं के बीच लगातार हो रहे भारी हमलों ने हालात को और नाजुक बना दिया है।
बाजार और आम आदमी पर इसका क्या असर होगा?
कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर के पार जाने का मतलब है कि ट्रांसपोर्टेशन से लेकर रोजमर्रा की चीजों पर महंगाई बढ़ सकती है। अमेरिका में डीजल की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन के पार जा चुकी हैं, जो 2022 के बाद सबसे ज्यादा है। एशियाई बाजारों में भी रिफाइनरियां दुबई और ओमान क्रूड पर रिकॉर्ड प्रीमियम चुका रही हैं, जिससे इन क्षेत्रों में भी ऊर्जा की लागत बढ़ रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके बुरे परिणाम सभी देशों को भुगतने होंगे।
बाजार को स्थिर करने के लिए IEA के सदस्य देशों ने अपने इमरजेंसी रिजर्व से 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारने का फैसला लिया है। IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा है कि अगर कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बनी रहती हैं, तो वे 1.4 अरब बैरल के रणनीतिक रिजर्व से और भी तेल जारी करने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की मांग की है।




