UAE Missile Attack: दुबई और UAE में फिर मिसाइल और ड्रोन अटैक, निवासियों के लिए अलर्ट और नई गाइडलाइन जारी
UAE में बुधवार सुबह एक बार फिर ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं. देश के रक्षा मंत्रालय और एयर डिफेंस ने समय रहते इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया है. बुधवार सुबह 6:28 बजे निवासियों के मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजा गया था. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें.
क्या है पूरा मामला और कितने बजे बजा सायरन
बुधवार 18 मार्च को सुबह से ही UAE के आसमान में कई ड्रोन और मिसाइल दागे गए. दुबई में रात 2:04 बजे तेज़ आवाज़ें सुनाई दीं, जो असल में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों को मार गिराने की आवाज़ थी. इसके बाद सुबह 6:28 बजे एक और अलर्ट आया जिसमें लोगों को सुरक्षित रहने को कहा गया.
अलर्ट के दौरान लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई थी. अंत में सुबह 7:41 बजे अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया और बताया कि अब जनजीवन और कामकाज सामान्य रूप से शुरू किया जा सकता है.
अब तक कितने हमले हुए और क्या हुआ नुकसान
यह हमले पिछले 18 दिनों से लगातार हो रहे हैं. रक्षा मंत्रालय के डेटा के अनुसार मंगलवार को ही 10 बैलिस्टिक मिसाइल और 45 ड्रोन को हवा में नष्ट किया गया. जब से यह स्थिति शुरू हुई है तब से अब तक कुल 314 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज़ मिसाइल और 1,672 ड्रोन रोके जा चुके हैं.
इन हमलों में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है जिसमें 2 सैन्यकर्मी और 6 आम नागरिक शामिल हैं. मारे गए नागरिकों में पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के प्रवासी थे. साथ ही 157 लोगों को हल्की चोटें आई हैं. सुरक्षा को देखते हुए उड़ानों के लिए एयरस्पेस में कुछ समय के लिए आंशिक बदलाव भी किए गए हैं.
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या हैं सरकारी नियम
National Emergency Crisis and Disaster Management Authority (NCEMA) ने आम लोगों और प्रवासियों के लिए कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- वीडियो न बनाएं: किसी भी मिसाइल या ड्रोन को मार गिराने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना सख्त मना है, ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकती है.
- अलर्ट बजने पर क्या करें: जब भी सायरन बजे तो खिड़की और दरवाजों से दूर किसी सुरक्षित बिल्डिंग में चले जाएं.
- ड्राइवर ध्यान दें: अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो सड़क पर गाड़ी न रोकें, बल्कि सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचकर ही शरण लें.
- इमरजेंसी नंबर: केवल गंभीर स्थिति में ही 999 पर कॉल करें ताकि पुलिस की लाइनें ज़्यादा ज़रूरी मामलों के लिए खाली रहें.




