Kuwait Govt New Rule: कुवैत और खाड़ी देशों का बड़ा फैसला, ईरान युद्ध के बाद 5 ट्रिलियन डॉलर फंड अब घरेलू सुरक्षा पर खर्च
खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, कतर और UAE ने अपनी आर्थिक रणनीतियों में बड़ा बदलाव किया है। फरवरी 2026 के अंत में हुए अमेरिकी-इजरायल हमलों के बाद, अब इन देशों का पूरा फोकस वैश्विक निवेश से हटकर घरेलू सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर आ गया है। करीब 5 ट्रिलियन डॉलर को संभालने वाले Sovereign Wealth Funds अब अपने पैसे को देश के भीतर ही इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। इसका असर पूरी दुनिया के साथ-साथ खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ेगा।
अर्थव्यवस्था और निवेश पर युद्ध का सीधा असर
युद्ध के कारण खाड़ी देशों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्राओं में रुकावट से टूरिज्म सेक्टर में लगभग 56 बिलियन डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। बड़े विदेशी प्रोजेक्ट्स पर भी रोक लग सकती है।
- सऊदी निवेशकों द्वारा 55 बिलियन डॉलर की Electronic Arts गेमिंग डील की अब दोबारा जांच की जा रही है।
- ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने क्षेत्रीय विकास दर को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया है।
- गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, अगर यह तनाव अप्रैल तक जारी रहा तो कतर और कुवैत की जीडीपी में 14 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
कुवैत में प्रवासियों के लिए नए नियम और सुरक्षा उपाय
कुवैत सरकार ने घरेलू सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। आंतरिक मंत्रालय (MoI) ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को केवल आधिकारिक और भरोसेमंद जानकारी पर निर्भर रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, ट्रैफिक और यातायात को आसान बनाने के लिए सड़कों के काम में तेजी लाई गई है ताकि आपात स्थिति में दिक्कत न हो।
- PACI का नया नियम: प्रवासियों को 30 दिनों के भीतर अपना आवासीय पता अपडेट करना होगा, ऐसा न करने पर 100 दीनार का जुर्माना लगेगा।
- कुवैत सेना और कुवैत फायर फोर्स आपातकालीन तैयारियों को बढ़ाने के लिए लगातार समन्वय कर रहे हैं।
- अमेरिका ने कुवैत के लिए 800 मिलियन डॉलर के पैट्रियट मिसाइल पैकेज को मंजूरी दी है, जो 2.8 बिलियन डॉलर के रक्षा समझौते का हिस्सा है।
दुनिया भर में पड़ेगा इस फैसले का प्रभाव
कतर के विदेश मंत्रालय के अधिकारी माजेद अल-अंसारी ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों का यह रक्षा की ओर झुकाव दुनिया के हर घर में महसूस किया जाएगा। विदेशी बाजारों में निवेश रुकने से कई बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट धीमे हो सकते हैं। पूर्व ADIA अधिकारी पॉल ओ’ब्रायन ने सलाह दी है कि बड़े फंड्स को अभी ग्लोबल फंडिंग धीमी करके युद्ध के लंबे प्रभाव का आकलन करना चाहिए। सऊदी अरब ने इस बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर अरब-इस्लामिक देशों के साथ बातचीत भी शुरू कर दी है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।




