UAE और सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले का खतरा, ईरान ने दी लोगों को हटने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तेल ठिकानों के पास रहने वाले लोगों को वहां से हटने के लिए कहा है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने इन ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है। यह फैसला तब आया जब ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर हमला हुआ। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे सुरक्षा और तेल बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान ने किन बंदरगाहों और ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही?
ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने साफ तौर पर कहा है कि कुछ बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना द्वारा किया जा रहा है। ईरान ने इन ठिकानों को तुरंत खाली करने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले समय में यहां कार्रवाई हो सकती है।
- दुबई का Jebel Ali पोर्ट
- अबू धाबी का Khalifa पोर्ट
- Fujairah पोर्ट, जो यूएई के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है
- सऊदी अरब और कतर के तेल और आर्थिक बुनियादी ढांचे
इस तनाव का तेल की सप्लाई और आम लोगों पर क्या असर होगा?
फुजैरा पोर्ट से रोजाना दुनिया का लगभग 1 प्रतिशत कच्चा तेल निकलता है। अगर यहां कोई हमला होता है तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला व्यापार भी इस तनाव की वजह से रुक गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी यह सुरक्षा चेतावनी बेहद गंभीर है।
| क्षेत्र | प्रभाव का विवरण |
|---|---|
| तेल सप्लाई | दुनिया की 20 प्रतिशत सप्लाई प्रभावित होने का डर |
| रोजगार | औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासियों को हटने का आदेश |
| शिपिंग | हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही फिलहाल बंद |




