Patna Mahavir Mandir: रामनवमी पर रात 2 बजे खुलेंगे कपाट, गैस किल्लत के बीच नैवेद्यम प्रसाद के लिए नया इंतजाम
पटना के महावीर मंदिर में रामनवमी 2026 की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस बार 27 मार्च को रामनवमी के दिन रात 2 बजे ही मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने भीड़ नियंत्रण और दर्शन के लिए खास इंतजाम किए हैं। शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत को देखते हुए नैवेद्यम प्रसाद बनाने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
दर्शन और प्रसाद की क्या है व्यवस्था?
रात 2 बजे कपाट खुलने के बाद 15 मिनट की आरती की जाएगी। इसके बाद से भक्तों के लिए लगातार दर्शन और प्रसाद चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो रात की आरती तक चलेगा। दिन में ठीक 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें फूलों की बारिश होगी और मंदिर की पारंपरिक महावीर ध्वजा बदली जाएगी।
- भीड़ को देखते हुए 22,000 से 24,000 किलो नैवेद्यम (लड्डू) प्रसाद तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मंदिर के बाहर प्रसाद वितरण के लिए 15 अलग-अलग काउंटर बनाए जाएंगे।
- नैवेद्यम की कीमत प्लास्टिक बॉक्स के लिए 380 रुपये और कार्टन बॉक्स के लिए 360 रुपये प्रति किलो रखी गई है।
गैस की किल्लत से कैसे निपट रहा मंदिर प्रशासन?
पटना में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी के कारण मंदिर प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रसाद बनाने और लंगर के लिए अब वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- नैवेद्यम प्रसाद बनाने के लिए गैस की जगह इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक सिस्टम का उपयोग शुरू कर दिया गया है।
- बड़े स्तर पर खाना बनाने के लिए पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- गैस की सप्लाई सामान्य होने तक ‘दरिद्र नारायण भोज’ को दिन में दो बार की जगह सिर्फ एक बार कर दिया गया है।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का नया प्लान
पटना के DM डॉ. त्यागराजन एस.एम. और SSP कार्तिकेय के. शर्मा ने सुरक्षा को लेकर विशेष बैठक की है। 26 मार्च से ही मंदिर और आसपास के इलाकों में पुलिस और मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी जाएगी। पुलिस के साथ करीब 100 निजी सुरक्षा गार्ड और सैकड़ों वालंटियर भी व्यवस्था संभालेंगे।
पुरुषों और महिलाओं के लिए वीर कुंवर सिंह पार्क से अलग-अलग लाइनें लगेंगी। इसके लिए लोहे और बांस की मजबूत बैरिकेडिंग की जा रही है। मंदिर के बाहर 14-15 LED स्क्रीन लगाई जाएंगी ताकि कतार में लगे लोग बाहर से ही आरती और पूजा देख सकें। रामनवमी के दिन शहर के अलग-अलग इलाकों से 51 से ज्यादा भव्य शोभा यात्राएं भी निकाली जाएंगी।




