IRGC की बड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों पर हमले का खतरा, तेल की कीमतों में उछाल
ईरान की सेना (IRGC) ने सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे खाड़ी देशों को एक बड़ी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि इन देशों में मौजूद उन तेल और गैस ठिकानों पर हमला हो सकता है जो अमेरिका से जुड़े हैं। 18 मार्च 2026 को जारी इस आदेश में कर्मचारियों और आम लोगों को इन ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। यह खबर खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।
किन देशों और तेल ठिकानों को दी गई है सीधी चेतावनी?
ईरान के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने साफ किया है कि अगर ईरान के Kharg Island या तेल ठिकानों पर हमला हुआ, तो इसका जवाब बहुत सख्त दिया जाएगा। ईरान ने कुछ खास ठिकानों को सीधा निशाना बनाने की बात कही है।
| देश | निशाना बनाए जाने वाले प्रमुख ठिकाने |
|---|---|
| सऊदी अरब | SAMREF रिफाइनरी और Jubail पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स |
| UAE | Al Hosn गैस फील्ड |
| कतर | Mesaieed पेट्रोकेमिकल और Ras Laffan रिफाइनरी |
| कुवैत और बहरीन | अमेरिकी हितों से जुड़े अन्य तेल ठिकाने |
ईरान का आरोप है कि अमेरिका उसके खिलाफ हमलों के लिए खाड़ी देशों के बंदरगाहों और अड्डों का इस्तेमाल कर रहा है। इसी वजह से अब इन ठिकानों को सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
तेल की कीमतों और Strait of Hormuz पर क्या होगा असर?
इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। 18 मार्च को तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुँच गईं। इसके साथ ही ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण होने की बात दोहराई है।
- Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खुला है लेकिन अमेरिका के सहयोगियों के लिए बंद हो सकता है।
- ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि उनका बदला सिर्फ अमेरिकी कंपनियों और उनके निवेश वाले ठिकानों तक सीमित रहेगा।
- दक्षिण पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर हुए हमलों के बाद ईरान ने अपनी कार्रवाई तेज करने की चेतावनी दी है।
- खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा गया है।
ईरान ने पड़ोसी देशों को सलाह दी है कि वे सुरक्षा के लिए अमेरिका पर भरोसा न करें। कमांडर ने कहा कि जब अमेरिकी हितों की बात आएगी, तो इन देशों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।




