Saudi Arabia New Update: ईद पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच थमी जंग, सऊदी अरब ने किया फैसले का स्वागत
सऊदी अरब ने ईद-उल-फितर के मौके पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम समझौते का स्वागत किया है। यह शांति समझौता सऊदी अरब, कतर और तुर्की की विशेष अपील पर हुआ है। पाकिस्तान ने बुधवार 18 मार्च 2026 की आधी रात से हवाई हमलों पर रोक लगाने का ऐलान किया है ताकि लोग शांति से त्योहार मना सकें। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक सकारात्मक पहल बताया है।
युद्धविराम की समय सीमा और मुख्य शर्तें क्या हैं?
पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह अस्थायी युद्धविराम 18 मार्च 2026 की आधी रात से शुरू होकर 23 मार्च 2026 की आधी रात तक प्रभावी रहेगा। अफगानिस्तान सरकार ने भी इस दौरान शांति बनाए रखने पर सहमति जताई है। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि यह कदम आगे चलकर एक स्थायी शांति समझौते में बदल सकता है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच समझौते की महत्वपूर्ण बातें
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि यह फैसला इस्लामी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस समझौते से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- युद्धविराम के दौरान किसी भी तरफ से कोई हवाई या जमीनी हमला नहीं किया जाएगा।
- अगर सीमा पार से कोई आतंकी हमला या ड्रोन हमला होता है, तो पाकिस्तान तुरंत दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर देगा।
- सऊदी अरब, कतर और तुर्की ने इस शांति प्रक्रिया में मध्यस्थ के रूप में भूमिका निभाई है।
- हाल ही में हुई झड़पों और हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर था।
- अफगानिस्तान की ओर से जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी सैन्य कार्रवाई रोकने की पुष्टि की है।
हालिया तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बीते कुछ दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव देखा गया था। पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद अफगानिस्तान ने कड़ा विरोध जताया था। अब सऊदी अरब की पहल पर हुए इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है। कतर और तुर्की ने भी दोनों पक्षों से अपील की है कि वे विवादों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण रास्तों और आपसी बातचीत का सहारा लें।




