ईरान के तेल ठिकानों पर तनाव गहराया, डोनाल्ड ट्रंप ने अगले हमले पर जताई असहमति
18 मार्च 2026 को ईरान और इजरायल के बीच सैन्य तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर बड़े हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर और अधिक हमले करने का विरोध किया है। हालांकि पहले के कुछ बयानों में हमलों के समर्थन की बात कही गई थी, लेकिन ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप अब इस पर रोक लगाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।
🗞️: इजराइल ने पहली बार उत्तरी ईरान पर किया हमला, ईरान के खुफिया मंत्री की मौत के बाद तनाव बढ़ा।
खाड़ी देशों के तेल ठिकानों को खाली करने की चेतावनी
ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि इन देशों के तेल ठिकानों को आने वाले कुछ घंटों में निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए इन्हें तुरंत खाली कर दिया जाए। सऊदी अरब ने इस खतरे के बीच रियाद की ओर आती चार बैलिस्टिक मिसाइलों और 60 से ज्यादा ड्रोन्स को मार गिराया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता पैदा करने वाली है क्योंकि तेल क्षेत्र में किसी भी हमले का असर उनकी नौकरियों और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
इजरायल की कार्रवाई और रूस की नई भूमिका
क्षेत्र में चल रही इस हलचल के बीच इजरायल ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को मार गिराने का दावा किया है। इस युद्ध में अब रूस भी सक्रिय होता दिख रहा है जो ईरान को सैटेलाइट तस्वीरें और आधुनिक ड्रोन तकनीक दे रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी को खत्म कर सकता है।
| प्रमुख घटना | ताजा स्थिति |
|---|---|
| साउथ पार्स हमला | इजरायल ने ईरान के बड़े गैस फील्ड को निशाना बनाया |
| मिसाइल डिफेंस | सऊदी अरब ने रियाद पर हुए हमलों को नाकाम किया |
| ट्रंप का रुख | ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर और हमलों का विरोध किया |
| ईरानी सुप्रीम लीडर | तनाव कम करने के प्रस्तावों को पूरी तरह खारिज किया |




