ईरान के गैस फील्ड पर इजरायली हमला, कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का उछाल
इजरायल ने बुधवार 18 मार्च 2026 को ईरान के South Pars गैस फील्ड पर बड़ा हमला किया है। इस हमले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई है। यह हमला अमेरिका की मंजूरी के बाद इजरायली वायुसेना द्वारा अंजाम दिया गया है। हमले के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं और इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिख रहा है।
तेल और गैस की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
इस हमले की खबर मिलते ही दुनिया भर में तेल और गैस के दाम बढ़ने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी हलचल है और कीमतें 100 डॉलर के आंकड़े को पार कर गई हैं।
| ईंधन का प्रकार | बढ़ोतरी का विवरण |
|---|---|
| Brent Crude Oil | कीमत 6% बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची। |
| European Gas | कीमतों में 7% का उछाल दर्ज किया गया। |
| Global Oil Price | कीमतें अब 100 डॉलर के ऊपर बनी हुई हैं। |
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो कीमतों में और भी ज्यादा तेजी आ सकती है। इससे दुनिया भर के देशों में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव और ईरान का जवाबी हमला
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी के अन्य देशों पर भी मिसाइलें दागी हैं।
- UAE ने ईरान की तरफ से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है।
- Saudi Arabia ने रियाद की तरफ बढ़ रही 4 मिसाइलों और गैस प्लांट की ओर आ रहे ड्रोन को मार गिराया है।
- Qatar ने इस हमले को गैर-जिम्मेदाराना कदम बताते हुए ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
- ईरान ने हमले के बाद Iraq को दी जाने वाली गैस की सप्लाई रोक दी है जिससे वहां बिजली संकट पैदा हो गया है।
ईरानी मीडिया के अनुसार हमले में देश के खुफिया मंत्री Esmaeil Khatib की भी जान चली गई है। क्षेत्र में बिगड़ते हालातों के कारण प्रवासियों और विदेशी कामगारों के बीच चिंता का माहौल है क्योंकि यह सप्लाई चेन और यात्रा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।




