UAE Warning: खाड़ी देशों में ऊर्जा केंद्रों पर हमले से बढ़ी टेंशन, दुनिया की एनर्जी सिक्योरिटी पर खतरा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के South Pars क्षेत्र से जुड़े ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने पर कड़ी चिंता जताई है। UAE सरकार का कहना है कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और ऊर्जा सप्लाई को लेकर दुनिया भर में डर का माहौल है।
UAE ने हमलों को लेकर क्या आधिकारिक बयान दिया?
UAE के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि महत्वपूर्ण नागरिक और औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने इस मामले में कई देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि ऐसे हमलों से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण को भी भारी नुकसान होता है।
क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं पर क्या असर पड़ा?
पिछले 48 घंटों में खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं पर बड़े असर देखे गए हैं। सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
- UAE में प्लांट बंद: 19 मार्च 2026 को UAE ने सुरक्षा कारणों से अपने Habshan गैस प्लांट और Bab गैस क्षेत्र में काम रोक दिया।
- मिसाइल हमले: ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के बाद एहतियात के तौर पर परिचालन बंद किया गया।
- कतर की स्थिति: QatarEnergy ने Ras Laffan Industrial City पर मिसाइल हमलों की जानकारी साझा की है।
- सऊदी अरब का रुख: सऊदी अरब ने भी अपनी ऊर्जा सुविधाओं पर हुए हमलों के बाद राजनयिक संबंधों पर असर पड़ने की बात कही है।
UAE के ऊर्जा मंत्री ने पहले कहा था कि देश के भीतर ऊर्जा की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन ताजा हमलों के बाद स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। सरकार ने साफ किया है कि नागरिकों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।




