Kuwait News: ईरान के खिलाफ कुवैत और GCC देशों के साथ खड़ा हुआ NATO, सुरक्षा पर दिया बड़ा बयान
बेल्जियम में कुवैत के राजदूत Nawaf Al-Enezi ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि NATO के सदस्य देशों ने कुवैत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है। यह बयान ईरान द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे बार-बार के उल्लंघनों के बाद आया है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीय नागरिकों के लिए क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता का यह अपडेट बेहद महत्वपूर्ण है।
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NATO और EU ने कुवैत के समर्थन में क्या कहा?
राजदूत नवाफ अल-अनेज़ी के अनुसार NATO सहयोगियों ने साफ कर दिया है कि वे कुवैत और अन्य GCC देशों के साथ मजबूती से खड़े हैं। 18 मार्च 2026 को हुई एक अहम बैठक में यूरोपीय संघ (EU) के विशेष प्रतिनिधि Luigi Di Maio ने भी GCC महासचिव से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया था। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य ईरान द्वारा किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों पर रोक लगाना और क्षेत्रीय शांति बनाए रखना है। NATO अपनी बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली को लगातार अपडेट कर रहा है ताकि किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
ईरान के हमलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख
ईरान की ओर से बढ़ते खतरों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों ने कड़े रुख अपनाए हैं। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित कर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है।
- 14 मार्च 2026 को NATO ने तुर्की की हवाई सीमा की ओर आ रही एक ईरानी मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट किया था।
- कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर अपनी आत्मरक्षा के अधिकार को मजबूती से दोहराया है।
- GCC देशों ने स्पष्ट किया है कि एक सदस्य पर हमला सभी सदस्यों की सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा।
- UN की रिपोर्ट में इन हमलों को केवल जवाबी कार्रवाई बताने वाले बयानों को कुवैत ने सिरे से खारिज किया है।
- कुवैत के प्रतिनिधि Nasser Al-Hayen ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की संप्रभुता का मुद्दा उठाया है।




