Middle East Energy Crisis: यूरोप ने की बड़ी मांग, सऊदी, कतर और UAE के एनर्जी ठिकानों पर हमले तुरंत रुकें
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय देशों ने एक साझा बयान जारी किया है। इसमें मांग की गई है कि क्षेत्र के महत्वपूर्ण ऊर्जा और बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाए। ईरान और इजराइल के बीच जारी इस टकराव ने सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे देशों की तेल और गैस सप्लाई को प्रभावित किया है। 19 मार्च 2026 को जारी इस बयान में यूरोप ने साफ किया है कि ऊर्जा सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
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किन देशों के ठिकानों पर हुए हमले?
हाल के दिनों में खाड़ी देशों के कई महत्वपूर्ण गैस और तेल ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने कतर के दुनिया के सबसे बड़े LNG कॉम्प्लेक्स पर हमला किया, जिससे वहां उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके अलावा UAE के हबशान और बाब क्षेत्र के साथ-साथ सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं। इन हमलों से काफी नुकसान हुआ है और खाड़ी देशों ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
- कतर: रास लफान गैस-टू-लिक्विड सुविधा को भारी नुकसान हुआ है।
- सऊदी अरब: तेल रिफाइनरी पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
- कुवैत: मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
- UAE: हबशान और बाब गैस फील्ड पर हमले की रिपोर्ट है।
यूरोपीय देशों और वैश्विक नेताओं का क्या कहना है?
यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और शांति की अपील की है। यूरोपीय नेताओं का कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। नीचे दी गई टेबल में प्रमुख प्रतिक्रियाएं दी गई हैं।
| देश और संगठन | मुख्य प्रतिक्रिया |
|---|---|
| यूरोपीय संघ (EU) | ऊर्जा ठिकानों पर हमले तुरंत बंद करने की मांग की |
| फ्रांस (राष्ट्रपति मैक्रों) | नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकने की अपील |
| अमेरिका (राष्ट्रपति ट्रंप) | कतर पर हमले जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी |
| ब्रिटेन और जापान | Strait of Hormuz की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर जोर दिया |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कतर ने अपना गैस उत्पादन फिलहाल रोक दिया है, जिसका असर उन देशों पर भी पड़ेगा जो वहां से गैस आयात करते हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर उनके ठिकानों पर हमला हुआ तो वे आगे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे।




