Saudi Arabia News: सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन हमला नाकाम, डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया है कि 19 मार्च 2026 को देश के पूर्वी क्षेत्र में कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने पुष्टि की है कि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने इन खतरों को समय रहते पहचान लिया और उन्हें आबादी वाले इलाकों तक पहुँचने से पहले ही ढेर कर दिया। इस सुरक्षा कार्रवाई में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
सऊदी अरब के डिफेंस सिस्टम ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
सऊदी रक्षा मंत्रालय और रॉयल सऊदी एयर फोर्स की सतर्कता के कारण यह हमला विफल रहा है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य बातें बताई हैं:
- पूर्वी क्षेत्र को निशाना बनाकर भेजे गए 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 8 ड्रोन को एक साथ नष्ट किया गया।
- दिन भर में रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में कुल 17 ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की रिपोर्ट मिली है।
- सऊदी सेना ने बताया कि उनके पास किसी भी तरह के हमले को रोकने के लिए आधुनिक डिफेंस सिस्टम और पूरी तैयारी मौजूद है।
- इन हमलों का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुरक्षा को नुकसान पहुँचाना था।
सऊदी अरब में ड्रोन के इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़े नए नियम क्या हैं?
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने ड्रोन उड़ाने को लेकर सख्त नियम तय किए हैं ताकि सुरक्षा बनी रहे। इन नियमों का पालन करना प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए अनिवार्य है:
| नियम का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| ड्रोन रजिस्ट्रेशन | 250 ग्राम या उससे अधिक वजन वाले ड्रोन का रजिस्ट्रेशन और आईडी नंबर जरूरी है। |
| पायलट सर्टिफिकेट | व्यावसायिक ड्रोन ऑपरेशन के लिए GACA से रिमोट पायलट सर्टिफिकेट लेना होगा। |
| आइडेंटिफिकेशन | ड्रोन में रिमोट और नेटवर्क आईडी सिस्टम होना अनिवार्य कर दिया गया है। |
| डाटा ट्रांसमिशन | उड़ान के दौरान ऑपरेटर का नंबर, ड्रोन की ऊंचाई और लोकेशन की जानकारी साझा करनी होगी। |
नए नियमों के अनुसार अब ड्रोन में जियो-अवेयरनेस तकनीक का होना भी जरूरी है ताकि प्रतिबंधित एयरस्पेस की चेतावनी मिल सके। सऊदी अरब अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है और इन नियमों के जरिए वह अवैध ड्रोन गतिविधियों पर नज़र रख रहा है।




