Saudi Arabia Iran Tension: ईरान ने सऊदी विदेश मंत्री के बयान को बताया गलत, पड़ोसी देशों को दी कड़ी चेतावनी
ईरान और सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय विवाद को लेकर तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान ने इन टिप्पणियों को अनुचित और एकतरफा करार दिया है। खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों और जवाबी कार्यवाहियों के बीच दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट साफ देखी जा रही है।
ईरान ने सऊदी अरब के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने गुरुवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्री के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि रियाद में हुई अरब-इस्लामिक बैठक के दौरान ईरान पर लगाए गए आरोप एकतरफा हैं। ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने यह भी चेतावनी दी कि जो पड़ोसी देश अपनी जमीन पर US सैन्य ठिकानों को जगह दे रहे हैं, उन्हें ईरान के खिलाफ होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ईरान ऐसे देशों को हमले में शामिल सहयोगी के रूप में देखेगा।
खाड़ी क्षेत्र में हालिया विवाद के मुख्य कारण क्या हैं?
पिछले 48 घंटों में सऊदी अरब और ईरान के बीच विवाद के कई बड़े कारण सामने आए हैं। सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan ने ईरान पर पड़ोसी देशों के खिलाफ आक्रामकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इस विवाद की मुख्य वजहें नीचे दी गई तालिका में समझी जा सकती हैं:
| घटना | विवरण |
|---|---|
| मिसाइल हमला | Riyadh पर चार ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं जिन्हें हवा में ही रोक दिया गया। |
| ऊर्जा ठिकानों पर हमला | Qatar के LNG ठिकानों और UAE के पास एक जहाज को निशाना बनाया गया। |
| राजनयिक कार्रवाई | Qatar ने ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। |
| ईरान का दावा | ईरान के अनुसार ये हमले Israel द्वारा उसके South Pars गैस फील्ड पर किए गए हमले का जवाब हैं। |
| सैन्य चेतावनी | ईरानी सैन्य कमान Khatam Al-Anbiya ने ऊर्जा ठिकानों को और नष्ट करने की धमकी दी है। |
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ उसका भरोसा पूरी तरह टूट चुका है और वह अपनी सुरक्षा के लिए सैन्य विकल्प का अधिकार सुरक्षित रखता है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के साथ बातचीत कर अमेरिका और इजरायल की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर सुरक्षा और यात्रा पर पड़ सकता है।




