US Army और Iran के बीच युद्ध तेज, मिडिल ईस्ट के आसमान में ड्रोन्स की हलचल से मचा हड़कंप
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और ड्रोन्स जॉर्डन, सऊदी अरब और इजरायल के ऊपर लगातार उड़ान भर रहे हैं। खबर है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के विमान अब ईरान की हवाई सीमा के काफी अंदर तक घुसकर सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। इस सैन्य हलचल से पूरे क्षेत्र में बड़े हमले की आशंका गहरा गई है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में अब तक क्या हुआ?
पेंटागन और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सैन्य अभियानों में काफी तेजी आई है। अमेरिका ने ईरान के भीतर अब तक हजारों लक्ष्यों को निशाना बनाया है। मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- 7,000 से अधिक हमले: डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth के अनुसार अमेरिका ने ईरान में अब तक 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर स्ट्राइक की है।
- विमानों का नुकसान: युद्ध शुरू होने से अब तक अमेरिका के 16 सैन्य विमान नष्ट हुए हैं जिनमें 10 Reaper ड्रोन शामिल हैं।
- F-35 की इमरजेंसी लैंडिंग: एक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को ईरान में मिशन के दौरान नुकसान पहुंचा जिसके बाद उसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
- नई तैनाती: पेंटागन अगले हफ्ते तक 2,200 मरीन सैनिकों के साथ तीन युद्धपोत मिडिल ईस्ट भेजने की योजना बना रहा है।
पड़ोसी देशों और इजरायल की क्या है स्थिति?
इजरायल ने हाल ही में तेहरान के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। वहीं ईरान की जवाबी कार्रवाई से पड़ोसी अरब देश भी प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति नीचे दी गई टेबल में समझी जा सकती है:
| देश | ताजा घटनाक्रम |
|---|---|
| Saudi Arabia | पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन मार गिराए गए और बेस पर खड़े विमानों को नुकसान पहुंचा। |
| Kuwait और UAE | 19 और 20 मार्च को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया गया। |
| Jordan | अमेरिकी एयरफील्ड पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला हुआ और फाइटर जेट्स की तैनाती बढ़ी। |
| Israel | तेहरान में बुनियादी ढांचों पर बमबारी की और सैन्य कार्रवाई तेज की। |
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रवक्ता ने दावा किया है कि वे मिसाइल बनाना जारी रखेंगे और युद्ध से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि बाद में उनके एक हमले में मारे जाने की खबरें भी सामने आई हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए बड़े ऑपरेशन जारी रखेगा।





