Strait of Hormuz पर भारत का बड़ा बयान, व्यापार और ऊर्जा के लिए सुरक्षित रास्ते को बताया जरूरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz और अन्य समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और मुफ्त होनी चाहिए। Ministry of External Affairs (MEA) ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए इन रास्तों का खुला रहना बेहद जरूरी है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों, खासकर LPG के लिए इन रास्तों पर काफी निर्भर है और किसी भी तरह की रुकावट भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकती है।
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भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
भारत ने अपनी समुद्री व्यापारिक सुरक्षा को देखते हुए ओमान की खाड़ी और अरब सागर में आधे दर्जन से ज्यादा युद्धपोत (Warships) तैनात कर दिए हैं। ये युद्धपोत Strait of Hormuz से निकलने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने और उन पर नजर रखने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बात कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा के निर्बाध ट्रांजिट पर जोर दिया है।
- External Affairs Minister S. Jaishankar ने भी ईरान के विदेश मंत्री से समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की है।
- UK में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने व्यापारिक जहाजों पर हमलों को पूरी तरह से गलत बताया है।
- Indian Navy और Information Fusion Centre, Indian Ocean Region (IFC-IOR) के जरिए जहाजों की 24×7 निगरानी की जा रही है।
व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका क्या असर पड़ेगा?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% Liquefied Petroleum Gas (LPG) इसी Strait of Hormuz के रास्ते से मंगाता है। हाल के दिनों में दो भारतीय टैंकर, Shivalik और Nanda Devi, इस रास्ते को पार कर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कुछ जहाजों को अभी वहीं रुकने की सलाह दी गई है। भारत का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि ऊर्जा और सामान की सप्लाई में कोई बड़ी बाधा न आए।
| महत्वपूर्ण अपडेट | विवरण |
|---|---|
| LPG आयात | भारत का 90% हिस्सा इसी रास्ते से आता है |
| नौसेना की तैनाती | ओमान की खाड़ी में युद्धपोत तैनात किए गए |
| भारतीय नागरिक | 170 भारतीय ईरान सीमा से आर्मेनिया पहुंचे |
| सरकारी हेल्पलाइन | नाविकों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन जारी |





