ईरान के पलटवार से खाड़ी देशों में भारी तनाव, कतर और कुवैत के तेल प्लांट पर हमला, दुबई में भी दिखे धमाके
ईरान की जवाबी कार्रवाई का असर अब पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है। 20 मार्च 2026 को खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर संकट मंडराने लगा है। कुवैत और कतर जैसे देशों के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया गया है, वहीं इजरायल ने भी ईरान के अंदरूनी हिस्सों में बमबारी शुरू कर दी है। इस टकराव में एक भारतीय नागरिक के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है।
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खाड़ी क्षेत्र में हुई बड़ी घटनाओं का ब्यौरा
पिछले 24 घंटों में खाड़ी के अलग-अलग देशों में कई बड़े हमले और रक्षात्मक कार्रवाइयां हुई हैं। मुख्य घटनाओं की जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| स्थान/देश | घटना का विवरण |
|---|---|
| Kuwait | मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद आग लगी |
| Qatar | रास लफान LNG प्लांट पर मिसाइल हमला, 17% क्षमता ठप |
| Dubai (UAE) | आसमान में भारी धमाके सुने गए, एयर डिफेंस ने मिसाइलें रोकीं |
| Saudi Arabia | एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की खबर, दूतावास ने अलर्ट जारी किया |
| Iran | इजरायल ने तेहरान और कैस्पियन सागर के इलाकों में हमले किए |
भारतीयों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
सऊदी अरब में मौजूद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों को शांत रहने और स्थानीय अधिकारियों के नियमों का पालन करने की सलाह दी है। युद्ध की स्थिति को देखते हुए प्रवासियों को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने को कहा गया है। भारत में पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि फिलहाल पेट्रोल की कीमतों में केवल प्रीमियम वेरिएंट पर 2 से 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, आम पेट्रोल की कीमतों पर अभी कोई असर नहीं पड़ेगा।
कतर में हुए हमले से गैस की सप्लाई में बड़ी बाधा आई है, जिसे ठीक करने में एक्सपर्ट्स 5 साल तक का समय बता रहे हैं। इससे खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था और वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों की नौकरियों पर भी भविष्य में असर पड़ सकता है। ओमान के विदेश मंत्री ने इस पूरी स्थिति को एक बड़ी तबाही करार दिया है और अमेरिका व इजरायल की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
तेल सप्लाई और ग्लोबल मार्केट की स्थिति
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ, तो वह खाड़ी के अन्य देशों के ऊर्जा ठिकानों को पूरी तरह बेकार कर देगा। Strait of Hormuz के रास्ते में हो रही बाधाओं के कारण जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने बाधा डालना बंद नहीं किया, तो अमेरिका उसके South Pars गैस फील्ड को भारी नुकसान पहुंचाएगा। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है क्योंकि यह संघर्ष अब क्षेत्रीय युद्ध में बदलता जा रहा है।





