भारत ने अफगानिस्तान के लिए भेजी मानवीय मदद, काबुल पहुंची 2.5 टन जरूरी दवाइयां
भारत सरकार ने अफगानिस्तान के काबुल में हुए भीषण हमले के बाद मदद का हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी कि भारत ने 2.5 टन जरूरी दवाइयां और मेडिकल उपकरण काबुल भेजे हैं। यह मदद 16 मार्च को ओमिद अस्पताल पर हुए हमले में घायल हुए लोगों के इलाज और उनकी रिकवरी के लिए भेजी गई है।
भारत ने काबुल में किस तरह की सहायता भेजी है?
भारत की ओर से भेजी गई इस खेप में आपातकालीन दवाइयां और अन्य जरूरी मेडिकल सामान शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस सहायता में घायलों के इलाज के लिए जरूरी सामग्री भेजी गई है ताकि वहां के स्वास्थ्य ढांचे को सहारा मिल सके।
- 2.5 टन वजन की आपातकालीन दवाइयां
- मेडिकल डिस्पोजेबल्स और सर्जिकल किट्स
- घायलों के इलाज के लिए जरूरी उपकरण
- भारत की ओर से मानवीय आधार पर दी गई सीधी मदद
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अफगानिस्तान के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत हर संभव मानवीय सहायता देना जारी रखेगा।
इस हमले और भारत के सहयोग की मुख्य बातें क्या हैं?
काबुल के Omid Addiction Treatment Hospital पर हुए इस हवाई हमले को भारत ने कायराना और बर्बर कार्रवाई बताया है। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में लगभग 400 लोगों की जान गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस हमले के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
भारत अपनी ‘Neighbourhood First’ नीति के तहत अफगानिस्तान की लगातार मदद कर रहा है। हाल ही में पेश हुए बजट में भी भारत ने अफगानिस्तान के लिए सहायता राशि को 27 प्रतिशत बढ़ाकर 150 करोड़ रुपये कर दिया है। भारत वहां 500 से ज्यादा विकास परियोजनाओं पर काम कर रहा है जो अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में फैली हुई हैं।





