Iran Israel War: ईरान ने इजराइल की Haifa ऑयल रिफाइनरी पर किया हमला, अमेरिका ने 7000 ठिकानों पर की बमबारी
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष अब और अधिक हिंसक हो गया है। 18 मार्च को इज़राइल द्वारा ईरान के South Pars गैस फील्ड पर किए गए हमले के जवाब में ईरान ने इज़राइल की Haifa तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उनकी मिसाइलों ने सही लक्ष्य पर वार किया है। इस बीच इज़राइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अमेरिका को जानबूझकर युद्ध में शामिल किया है।
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ईरान और इज़राइल के बीच हुए हमलों की ताज़ा स्थिति क्या है?
ईरान की IRGC ने Haifa और Ashdod की तेल रिफाइनरियों पर सटीक मिसाइल हमले करने का दावा किया है। इज़राइल के ऊर्जा मंत्री Eli Cohen ने पुष्टि की है कि Haifa रिफाइनरी पर मिसाइल गिरी है, जिससे वहां मामूली नुकसान हुआ और कुछ समय के लिए बिजली गुल हुई थी। अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि अमेरिकी सेना ने पिछले कुछ दिनों में ईरान के भीतर 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है। इस युद्ध के कारण समुद्र में जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हो गई है और कुवैत की एक रिफाइनरी में भी आग लगने की खबर आई है।
प्रमुख नेताओं के बयान और युद्ध का असर क्या रहा?
| नेता / देश | मुख्य बयान और घटनाक्रम |
|---|---|
| Benjamin Netanyahu | कहा कि इज़राइल ने अकेले हमला किया और अमेरिका को युद्ध में नहीं घसीटा है। |
| Donald Trump | कहा कि अमेरिका को South Pars हमले की जानकारी नहीं थी और वे सेना नहीं भेजेंगे। |
| Abbas Araghchi | चेतावनी दी कि ऊर्जा ठिकानों पर हमला करना इज़राइल की बहुत बड़ी गलती है। |
| Scott Bessent | तेल की कीमतें कम करने के लिए ईरानी तेल पर पाबंदी हटाने पर विचार कर रहे हैं। |
| IRGC प्रवक्ता | अमेरिकी और इज़राइली हवाई हमले में प्रवक्ता Ali Mohammad Naini की मौत हो गई। |
| UN रिपोर्ट | युद्ध में अब तक 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत और 7,000 के घायल होने की खबर है। |
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि वे इस युद्ध के लिए ज़मीनी सेना नहीं भेजेंगे और उन्होंने NATO देशों की आलोचना की है। वहीं कतर ने पहले इज़राइल के हमले की निंदा की थी, लेकिन बाद में ईरान की जवाबी कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर कर दिया है। युद्ध की वजह से तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों का आना-जाना मुश्किल हो गया है।




