Sri Lanka का बड़ा फैसला, US फाइटर जेट्स को लैंडिंग की नहीं दी इजाजत, राष्ट्रपति ने संसद में किया एलान
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को अपने यहाँ लैंड करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। राष्ट्रपति ने श्रीलंका की संसद में इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि देश अपनी तटस्थता बनाए रखने के लिए किसी भी विदेशी सैन्य गतिविधि का हिस्सा नहीं बनेगा। अमेरिका ने Mattala International Airport पर अपने फाइटर जेट्स उतारने की इजाजत मांगी थी।
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श्रीलंका ने क्यों ठुकराया अमेरिका का प्रस्ताव?
राष्ट्रपति दिसानायके ने संसद में स्पष्ट किया कि श्रीलंका किसी भी ऐसे सैन्य उद्देश्य के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं इस्तेमाल होने देगा जिससे मिडिल ईस्ट के संघर्ष में किसी भी पक्ष को मदद या नुकसान पहुंचे। सरकार का मानना है कि बाहरी दबाव के बावजूद देश को निष्पक्ष रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को किसी भी युद्ध या विवाद में नहीं घसीटा जाना चाहिए।
- अमेरिका ने 26 फरवरी 2026 को लैंडिंग के लिए अनुरोध भेजा था
- ये लड़ाकू विमान Djibouti में तैनात थे और आठ एंटी-शिप मिसाइलों से लैस थे
- अमेरिका 4 से 8 मार्च के बीच एयरपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहता था
- राष्ट्रपति ने साफ किया कि श्रीलंका अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा
ईरान के युद्धपोतों को भी नहीं मिली अनुमति
सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि श्रीलंका ने ईरान के अनुरोध को भी ठुकरा दिया है। ईरान ने भारत में नौसैनिक अभ्यास के बाद वापस लौट रहे अपने तीन युद्धपोतों के लिए श्रीलंका के बंदरगाह पर रुकने की अनुमति मांगी थी। श्रीलंका सरकार ने दोनों देशों के अनुरोधों को खारिज करके यह संदेश दिया है कि वह किसी एक पक्ष की ओर नहीं झुक रहा है। यह फैसला तब आया है जब हाल ही में श्रीलंका के तट के पास तनाव काफी बढ़ गया है। श्रीलंका की नौसेना ने हाल ही में समुद्र में फंसे लोगों को रेस्क्यू भी किया था।




