Strait of Hormuz News: ईरान ने व्यापारिक जहाजों के लिए खोला रास्ता, भारत और जापान जैसे देशों को मिलेगी राहत
ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सीमित संख्या में मालवाहक जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कई जहाज खुज़ेस्तान प्रांत के खोमैनी पोर्ट (Khomeini Port) पर सामान उतारने में सफल रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि यह जलमार्ग उन देशों के लिए खुला रहेगा जो ईरान के साथ युद्ध या हमलों में शामिल नहीं हैं। इस विकास से वैश्विक व्यापार और विशेष रूप से तेल की आपूर्ति को लेकर बनी चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं।
किन देशों के जहाजों को मिल रही है जलमार्ग पार करने की अनुमति?
ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि हॉर्मुज का रास्ता केवल उन देशों के जहाजों के लिए बंद है जिन्हें वे अपना दुश्मन मानते हैं या जो उन पर हमला कर रहे हैं। भारत, चीन, पाकिस्तान, ग्रीस और तुर्की जैसे देशों के जहाजों को आवाजाही की अनुमति दी गई है। विदेश मंत्री अरागची ने जापानी जहाजों को भी सुरक्षित मार्ग प्रदान करने की इच्छा जताई है। हाल के दिनों में एक पाकिस्तानी तेल टैंकर और एक तुर्की जहाज ने ईरानी अनुमति के साथ सफलतापूर्वक इस रास्ते को पार किया है।
शिपिंग और सुरक्षा के लिए लागू हुए नए नियम
- जहाजों की आवाजाही अब अनुमति-आधारित व्यवस्था के तहत की जा रही है।
- ईरान जहाजों के मालिकाना हक और उनमें लदे कार्गो की बारीकी से जांच कर रहा है।
- तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति के लिए चीनी युआन (Yuan) में भुगतान पर विचार किया जा रहा है।
- जहाजों को अपना AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) ऑन रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है।
- पिछले कुछ दिनों में लगभग 8 से 9 जहाजों ने मित्र देशों के टैग के साथ सुरक्षित यात्रा पूरी की है।
हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही का वर्तमान डेटा
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| पहले का औसत ट्रैफिक | 84 जहाज प्रतिदिन |
| वर्तमान औसत ट्रैफिक | लगभग 10 जहाज प्रतिदिन |
| खोमैनी पोर्ट पर गतिविधि | 15-16 मार्च को 6 जहाजों ने माल उतारा |
| विशेष मार्ग का उपयोग | 8 जहाजों ने लरक द्वीप के पास से नया रास्ता चुना |
हालांकि जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण कुल ट्रैफिक में 80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। भारत और चीन जैसे बड़े आयातक देश तेहरान के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि उनके वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




