Dubai Airport पर फर्जी UK पासपोर्ट के साथ दो लोग गिरफ्तार, 16 लाख रुपये से ज्यादा में खरीदे थे नकली डॉक्यूमेंट
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों व्यक्ति फर्जी ब्रिटिश पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश भागने की फिराक में थे। एयरपोर्ट पर बोर्डिंग गेट के पास चेकिंग के दौरान सुरक्षा अधिकारियों को उनके पासपोर्ट पर शक हुआ, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन लोगों ने इस फर्जी पासपोर्ट के लिए भारी भरकम रकम चुकाई थी।
कैसे पकड़ा गया यह फर्जीवाड़ा?
बोर्डिंग गेट पर तैनात सुरक्षा अधिकारी ने जब इन यात्रियों के पासपोर्ट की जांच की, तो उन्हें कुछ गड़बड़ी नजर आई। दुबई के एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें Retro Check कहा जाता है। संदिग्ध लगने पर इन दस्तावेजों को टर्मिनल 1 पर स्थित डॉक्यूमेंट एग्जामिनेशन सेंटर भेजा गया। वहां विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि ये पासपोर्ट और उन पर लगे एग्जिट स्टैंप पूरी तरह से फर्जी हैं।
- एयरपोर्ट पर तैनात एविएशन सिक्योरिटी ऑफिसर ने पासपोर्ट में कमियां पकड़ीं
- दुबई की एडवांस मशीन Retro Check से फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ
- टर्मिनल 1 के एक्सपर्ट्स ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की
- पकड़े गए आरोपियों को तुरंत न्यायिक अधिकारियों के हवाले कर दिया गया
20 हजार डॉलर में हुई थी पासपोर्ट की डील
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके देश में एक तीसरे व्यक्ति ने उन्हें फर्जी पासपोर्ट दिलाने का वादा किया था। प्रत्येक ब्रिटिश पासपोर्ट के लिए 20,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 16 लाख भारतीय रुपये से ज्यादा की मांग की गई थी। यह डील तय हुई थी कि काम पूरा होने के बाद ही पैसा दिया जाएगा। पुलिस ने इस मामले में पासपोर्ट सप्लाई करने वाले तीसरे आरोपी को भी हिरासत में ले लिया है और अब उन पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पासपोर्ट का प्रकार | फर्जी ब्रिटिश (UK) पासपोर्ट |
| एक पासपोर्ट की कीमत | 20,000 डॉलर (लगभग 16 लाख रुपये) |
| गिरफ्तारी की जगह | दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) |
| पकड़े जाने का समय | फ्लाइट बोर्डिंग से ठीक पहले |
दुबई प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फर्जी यात्रा दस्तावेजों का इस्तेमाल करना एक गंभीर अपराध है। इसके लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही अपने यात्रा दस्तावेज बनवाएं।




