ईरान का बड़ा आरोप: Gulf में यात्री जहाजों पर हुए हमले, तनाव बढ़ने से प्रवासियों की बढ़ी चिंता
ईरान की सेना ने अमेरिका और इज़राइल पर खाड़ी में यात्री जहाजों और निजी नावों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। 21 मार्च 2026 को दिए बयान में ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई उसकी बढ़ती ताकत को रोकने में नाकाम रहने की हताशा का नतीजा है। इस तनाव के बीच परमाणु केंद्रों और व्यापारिक जहाजों पर हमलों की खबरों ने पूरे मिडिल ईस्ट में खलबली मचा दी है।
खाड़ी देशों में बिगड़ते हालात और बड़े नुकसान
ईरान के दक्षिणी बंदरगाह Bandar Lengeh पर हुए हमले में कम से कम 16 नागरिक व्यापारिक जहाज नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के समुद्री किनारों पर भी जहाजों में आग लगने की खबरें मिली हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में Safeen Prestige नाम के जहाज में भी आग लग गई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी नतान्ज परमाणु केंद्र पर हुए हमले की खबरों की बारीकी से जांच कर रही है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 20 मार्च 2026 | बंदर लेंगह पोर्ट पर 16 नागरिक जहाज तबाह हुए |
| 21 मार्च 2026 | IAEA ने परमाणु केंद्र पर हमले की खबरों पर चिंता जताई |
| 19 मार्च 2026 | US सेना ने 130 ईरानी जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया |
प्रवासियों और समुद्री व्यापार पर क्या असर होगा?
खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह तनाव बड़ी चिंता का विषय है। व्यापारिक जहाजों पर हमलों के कारण समुद्री रास्तों से होने वाली सप्लाई चेन बाधित हो सकती है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो वह और भी कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।
- समुद्री रास्तों पर असुरक्षा बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो सकती है
- ईरान ने अमेरिकी और इज़राइली जहाजों को वैध लक्ष्य घोषित किया है
- क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका है
- संयुक्त अरब अमीरात और कतर के पास जहाजों में आग लगने से हड़कंप है
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना एक खतरनाक कदम है जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।




