Abu Dhabi Missile Threat: अबू धाबी में मिसाइल और ड्रोन हमला नाकाम, एयर डिफेंस ने जारी किया अलर्ट
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में रविवार सुबह एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने पुष्टि की है कि शहर की सुरक्षा प्रणालियां इन हवाई खतरों से प्रभावी ढंग से निपट रही हैं। प्रशासन ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक माध्यमों से आने वाली सूचनाओं और चेतावनियों का पालन करें। यह घटनाक्रम क्षेत्र में जारी सुरक्षा तनाव के बीच सामने आया है।
अबू धाबी में क्या हुआ और सुरक्षा की वर्तमान स्थिति क्या है?
22 मार्च 2026 की सुबह अबू धाबी के विभिन्न हिस्सों में तेज़ आवाज़ें सुनी गईं जिन्हें बाद में रक्षा मंत्रालय ने मिसाइलों को रोकने की सैन्य प्रक्रिया बताया। सुरक्षा बलों ने ईरान की तरफ से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। यूएई में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें।
- अलर्ट का समय: सुबह करीब 6:47 बजे नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस अथॉरिटी ने पहला आधिकारिक संदेश जारी किया।
- सुरक्षा निर्देश: लोगों को अपने घरों या सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक ऐप के ज़रिए अपडेट रहने को कहा गया है।
- हवाई कार्रवाई: यूएई एयर डिफेंस ने बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया और फाइटर जेट्स ने ड्रोन को मार गिराया।
- नुकसान की रिपोर्ट: रविवार सुबह हुए इन ताजा हमलों में फिलहाल किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
यूएई रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अब तक के आंकड़े
यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ समय में हवाई सुरक्षा को लेकर काफी सक्रियता बढ़ी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे देश की सुरक्षा और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश का मजबूती से जवाब देंगे। विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
| विवरण | आंकड़े और जानकारी |
|---|---|
| रोकी गई बैलिस्टिक मिसाइलें | 341 |
| नष्ट किए गए ड्रोन (UAVs) | 1,748 |
| हताहत हुए नागरिक | पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के नागरिक शामिल |
| कानूनी कार्रवाई | आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कड़ी निगरानी शुरू |
सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इन हवाई हमलों को आतंकवादी हमलों की श्रेणी में रखा है जिससे सुरक्षा एजेंसियों को जांच और स्क्रीनिंग के लिए अतिरिक्त शक्तियां मिल गई हैं।





