ईरान ने इज़राइल पर दागी सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें, डिमोना और अराद में 100 से ज़्यादा लोग घायल
इज़राइल की सेना ने जानकारी दी है कि ईरान की ओर से बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें उनके देश की तरफ आ रही हैं। यह हमला 21 और 22 मार्च 2026 की दरमियानी रात को शुरू हुआ है। इज़राइल के डिमोना और अराद जैसे शहरों में मिसाइलें गिरने से अब तक 100 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं। सेना ने बताया कि कुछ मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया, जबकि कुछ ज़मीन पर आकर गिरी हैं।
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हमले में कहां कितना नुकसान हुआ और मुख्य टारगेट क्या थे?
ईरान की ओर से किए गए इन हमलों में इज़राइल के दक्षिणी शहरों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार रही है:
- Dimona: यहां मिसाइल गिरने से कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं।
- Arad: इस शहर में मिसाइल अटैक के कारण 71 लोग ज़ख्मी हुए हैं।
- Targets: ईरान ने डिमोना में स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाने की बात कही है।
- Total Injuries: इज़राइल के अलग-अलग हिस्सों में कुल घायलों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है।
ईरान ने यह हमला क्यों किया और अब तक कितनी मिसाइलें दागी?
ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका और इज़राइल द्वारा उनके नतान्ज़ परमाणु केंद्र पर किए गए हमलों का जवाब है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वे इस हमले का हर मोर्चे पर जवाब देंगे। संघर्ष की शुरुआत से अब तक का डेटा नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| 28 फरवरी से अब तक कुल मिसाइलें | 300 |
| क्लस्टर मिसाइलों की मात्रा | लगभग 50 प्रतिशत |
| मिसाइल के प्रकार | Emad और Ghadr बैलिस्टिक मिसाइल |
| हालिया हमले की तारीख | 21-22 मार्च 2026 |
इज़राइल के रक्षा मंत्री ने भी 20 मार्च से ही ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज़ करने का आदेश दिया था। इस बीच लेबनान की ओर से हिज़्बुल्लाह ने भी उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट दागे हैं। इज़राइल और अमेरिका ने मिलकर ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था जिसके बाद यह बड़ी जवाबी कार्रवाई हुई है।





