UAE President का बड़ा कदम, ईरानी हमलों में जान गंवाने वाली नागरिक के परिवार को भेजी संवेदना, अधिकारी पहुंचे घर
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने अबू धाबी में ईरानी हमलों के दौरान जान गंवाने वाली एक नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति की ओर से उनके कार्यालय के रणनीतिक मामलों के अध्यक्ष Dr. Ahmed Mubarak Al Mazrouei ने पीड़ित परिवार के घर जाकर सहानुभूति और समर्थन का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने मृतक की आत्मा की शांति और परिवार को इस मुश्किल घड़ी में हिम्मत देने के लिए प्रार्थना की।
📰: ईरान के स्वास्थ्य मंत्री का दावा, युद्ध में 210 बच्चों की मौत और 1510 घायल।
हमले में किसका हुआ निधन और राष्ट्रपति ने क्या संदेश भेजा?
अबू धाबी में हुए इन हमलों में Alaa Nader Awni Mushtaha नाम की एक नागरिक की मौत हो गई थी। राष्ट्रपति के प्रतिनिधि Ahmed Mubarak Al Mazrouei ने उनके परिवार से मिलकर दुख साझा किया और राष्ट्रपति का संदेश पहुंचाया। उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। पीड़ित के पिता Nader Awni ने इस दुख की घड़ी में राष्ट्रपति की संवेदनशीलता और समर्थन के लिए उनका आभार जताया। यह कदम मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच आम नागरिकों पर पड़ने वाले मानवीय प्रभाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
UAE में अब तक हुए हमलों और नुकसान का पूरा विवरण क्या है?
28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद से UAE का रक्षा विभाग लगातार अपनी सुरक्षा प्रणालियों का उपयोग कर रहा है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार अब तक हुए नुकसान और एयर डिफेंस की कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| विवरण | कुल संख्या | |
|---|---|---|
| अब तक जान गंवाने वाले नागरिक | 6 | |
| शहीद सैन्य कर्मी | 2 | |
| घायल होने वाले लोग | 158 | |
| रोके गए बैलिस्टिक मिसाइल | 345 | |
| रोके गए क्रूज मिसाइल | 15 | |
| नष्ट किए गए ड्रोन (UAVs) | 1,773 |
Human Rights Watch ने भी इन हमलों पर चिंता व्यक्त की है। संस्था का कहना है कि खाड़ी देशों में चल रहे इन हमलों से आम नागरिकों के रिहायशी इलाकों, होटलों और हवाई अड्डों को खतरा है। UAE रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनाई देने वाली तेज आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने के कारण हो रही हैं। सुरक्षा बल किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।





