Saudi Arabia Drone Attack: सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में ड्रोन हमला नाकाम, सेना ने हवा में ही मार गिराया
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश के पूर्वी हिस्से (Eastern Region) में ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। 22 मार्च 2026 को हुए इस हमले में सऊदी एयर डिफेंस ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस ऑपरेशन की पुष्टि की है। यह हमला महत्वपूर्ण तेल संसाधनों वाले क्षेत्र को निशाना बनाकर किया गया था।
हमलों और कार्रवाई से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन | 4 से 11 ड्रोन (अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार) |
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 3 मिसाइलें रियाद की ओर छोड़ी गईं |
| कूटनीतिक कदम | ईरानी दूतावास के 5 कर्मचारियों को निकाला गया |
| समय सीमा | 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश |
प्रवासियों और तेल क्षेत्र पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब का पूर्वी हिस्सा तेल और गैस संसाधनों के लिए काफी मशहूर है जहां बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी काम करते हैं। इन हमलों को रोकने से बड़ी तबाही टल गई है और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। सऊदी एयर डिफेंस की सतर्कता की वजह से किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचा है। वहां रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समझौतों का उल्लंघन माना है। जवाब में सऊदी अरब ने ईरान के मिलिट्री अताशे और उनके डिप्टी सहित 5 दूतावास कर्मियों को देश छोड़ने का फरमान सुनाया है। G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे नागरिकों और ऊर्जा ढांचे के लिए खतरनाक बताया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।





