Strait of Hormuz: अमेरिका ने ईरान को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, ट्रंप बोले- खोल दो रास्ता वरना तबाह होंगे पावर प्लांट
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब काफी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ किया है कि अगर तय समय में रास्ता नहीं खुला तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाना शुरू कर देगा। यह तनाव पिछले चार हफ्तों से जारी है और इससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने का डर बना हुआ है।
अमेरिका ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को व्यापारिक जहाजों के लिए नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देगा। इसके साथ ही इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी कहा है कि इस हफ्ते ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। अमेरिका और इजरायल की सेनाएं मिलकर ईरान के ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रही हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और वैश्विक प्रभाव
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि अगर उनके पावर प्लांट पर कोई भी हमला हुआ, तो वे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका और इजरायल के ऊर्जा, IT और पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination Plants) पर हमला करेंगे। पिछले 24 घंटों में ईरान ने इजरायल के Arad और Dimona शहरों पर मिसाइल हमले भी किए हैं। इस तनाव के बीच Strait of Hormuz के हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
तेल बाजार को बचाने के लिए उठाए जा रहे कदम
Strait of Hormuz तेल और गैस की सप्लाई के लिए दुनिया का सबसे प्रमुख रास्ता है। यहां से व्यापार रुकने के कारण पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है। हालात को देखते हुए US Treasury Secretary Scott Bessent ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं:
| अधिकारी का नाम | मुख्य घोषणा |
|---|---|
| President Donald Trump | Strait of Hormuz खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया |
| Treasury Secretary Scott Bessent | फंसे हुए ईरानी तेल को बेचने की अनुमति दी ताकि बाजार स्थिर रहे |
| US Navy | व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने (Escort) के लिए योजना बनाई |
इस संघर्ष का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत जैसे देशों की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ सकता है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। फिलहाल अमेरिकी नेवी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के साथ मिलकर जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने की कोशिश में जुटी है।





