Middle East War: ईरान और इजराइल के परमाणु ठिकानों के पास हमला, WHO चीफ बोले शांति ही सबसे बड़ी दवा
Middle East में जारी जंग अब एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान के Natanz और इजराइल के Dimona शहर में मौजूद परमाणु केंद्रों के पास हमले की खबरें आई हैं। इन घटनाओं के बाद World Health Organization के चीफ Tedros Adhanom Ghebreyesus ने सोशल मीडिया पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना जनता की सेहत और पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। WHO अब किसी भी संभावित परमाणु घटना से निपटने के लिए अपनी तैयारी कर रहा है।
इन हमलों में अब तक क्या हुआ?
ईरान के Natanz Enrichment Complex पर शनिवार 21 मार्च 2026 को हमला हुआ। इसके तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल के Dimona और Arad शहरों पर मिसाइलें दागीं। Dimona वह जगह है जहां इजराइल का मुख्य परमाणु रिसर्च सेंटर स्थित है। इजरायली सेना के मुताबिक इस हमले में एक इमारत को सीधा नुकसान पहुंचा है और करीब 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने अभी तक किसी भी तरह के रेडिएशन लीक होने की पुष्टि नहीं की है।
विभिन्न देशों और संस्थाओं की प्रतिक्रिया
- WHO: चीफ Tedros ने कहा कि शांति ही सबसे अच्छी दवा है और सभी पक्षों को अधिकतम संयम बरतना चाहिए।
- IAEA: संस्था के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने चेतावनी दी है कि परमाणु रिएक्टर के पास हमला करना सुरक्षा की सबसे बड़ी रेड लाइन को पार करने जैसा है।
- Iran: ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने इस हमले को आपराधिक कृत्य बताया और इसके लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया।
- Israel: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्वीकार किया कि यह एक मुश्किल शाम थी लेकिन इजराइली सेना अपनी सैन्य कोशिशें जारी रखेगी।
- Russia: रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान के परमाणु केंद्र पर हुए हमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
घटनाक्रम की मुख्य जानकारी
| तारीख | घटना | प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|
| 21 मार्च 2026 | Natanz परमाणु केंद्र पर हमला | ईरान (Iran) |
| 21 मार्च रात | ईरानी मिसाइल हमला | Dimona और Arad, इजराइल |
| 22 मार्च 2026 | WHO चीफ की चेतावनी | अंतरराष्ट्रीय (X के जरिए) |





