Iran Israel Conflict: ईरान ने इज़राइल के परमाणु केंद्र पर किया मिसाइल हमला, ट्रंप ने दी 48 घंटे की चेतावनी
ईरान और इज़राइल के बीच तनाव अब एक बेहद गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। शनिवार को ईरान के नतान्ज़ परमाणु केंद्र पर हुए हमले के जवाब में ईरान ने इज़राइल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलें दागी हैं। यह हमला इज़राइल के परमाणु रिसर्च सेंटर के पास हुआ है जिसमें करीब 180 लोग घायल हुए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है।
🚨: Israel Iran War Update: इजराइल और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, अमेरिका ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम।
इज़राइल पर हुए ईरानी हमले की बड़ी बातें
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने इज़राइल के सैन्य और सुरक्षा केंद्रों को निशाना बनाया है। इज़राइली सेना के अनुसार ईरान ने 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यह पहली बार है जब ईरानी मिसाइलें इज़राइल के परमाणु ठिकाने के पास के सुरक्षा घेरे को तोड़ने में सफल रही हैं। इज़राइल का एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा जिससे इलाके में भारी नुकसान हुआ है।
ट्रंप की चेतावनी और खाड़ी देशों पर इसका असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर अगले 48 घंटों में Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता व्यापार के लिए पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट को तबाह कर देगा। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिका और इज़राइल के ऊर्जा केंद्रों और पानी के प्लांट को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों के समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
| मुख्य देश | वर्तमान स्थिति और कदम |
|---|---|
| ईरान | डिमोना और अराद पर मिसाइलें दागी |
| अमेरिका | ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया |
| इज़राइल | हमले में 180 लोग घायल हुए |
| UAE | आसमान में हवाई खतरों पर कार्रवाई की |
| WHO | परमाणु केंद्रों के पास हमले पर चिंता जताई |
| G7 | ईरानी हमलों की निंदा की और सुरक्षा पर ज़ोर दिया |
आम जनता और प्रवासियों पर प्रभाव
खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि Strait of Hormuz व्यापार के लिए मुख्य रास्ता है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो तेल की कीमतों और ज़रूरी सामानों की सप्लाई पर असर पड़ेगा। जॉर्डन और लेबनान जैसे देशों ने भी इस संघर्ष के कारण अपने यहाँ अलर्ट जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी बड़ी तबाही से बचा जा सके।





