Strait of Hormuz: अमेरिका ने ईरान को दी 48 घंटे की मोहलत, रास्ता नहीं खुला तो होगी बड़ी सैन्य कार्रवाई
खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर सकता है। पिछले तीन हफ्तों से ईरान की सैन्य ताकतों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को व्यापारिक जहाजों के लिए लगभग बंद कर दिया है।
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की धमकी और सऊदी की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि Mike Waltz ने पहले ही संकेत दिया था कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मामले में सैन्य ताकत के इस्तेमाल का विकल्प खुला रखेंगे। अमेरिका ने मांग की है कि Strait of Hormuz को बिना किसी खतरे के तुरंत खोला जाए। इस बीच सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने King Fahd Air Base के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है ताकि क्षेत्र में सुरक्षा अभियानों को मजबूती दी जा सके। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे व्यापार और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान का जवाब और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का फैसला
ईरान का दावा है कि यह समुद्री रास्ता केवल उसके दुश्मनों के लिए बंद है और अन्य जहाज समन्वय के साथ यहां से गुजर सकते हैं। हालांकि ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वह अमेरिका और इजरायल के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। इस विवाद में शामिल प्रमुख पक्षों की स्थिति नीचे दी गई है।
| पक्ष | मुख्य कदम और बयान |
|---|---|
| अमेरिका | 48 घंटे का अल्टीमेटम और सैन्य हमले की सीधी धमकी दी |
| ईरान | दुश्मनों के लिए रास्ता बंद रखने और जवाबी हमले की चेतावनी दी |
| सऊदी अरब | अमेरिका को सैन्य बेस के इस्तेमाल की अनुमति दी |
| संयुक्त राष्ट्र | प्रस्ताव 2817 के जरिए बल प्रयोग को हरी झंडी दी |
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित कर ईरान की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान सहित 22 देशों ने भी ईरान के इस कदम की निंदा की है। यूएन महासचिव ने आदेश दिया है कि समुद्री रास्ते को तुरंत प्रभाव से खोला जाए ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुचारू रूप से चल सके।





