Iran US Tension: ईरान की खाड़ी देशों को बड़ी धमकी, अमेरिकी बेस वाले देशों के पावर प्लांट पर हमले का खतरा
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA और सेना के बड़े अधिकारियों ने उन देशों को सीधी चेतावनी दी है जहां अमेरिकी सेना के बेस मौजूद हैं। ईरान ने कहा है कि अगर उनके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वे पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हितों को तबाह कर देंगे। इसमें खाड़ी देशों के पावर प्लांट और वे कंपनियां शामिल हैं जिनमें अमेरिका के शेयर हैं।
ईरान ने किन ठिकानों को दी है हमले की चेतावनी?
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी और सैन्य कमांडरों ने साफ कर दिया है कि वे उन कंपनियों को निशाना बनाएंगे जिनमें अमेरिका की हिस्सेदारी है। अगर ईरान के तेल या बिजली ठिकानों पर हमला हुआ, तो जवाब में पूरे खाड़ी क्षेत्र के पावर प्लांट को उड़ा दिया जाएगा। खास तौर पर उन देशों को चेतावनी दी गई है जहां अमेरिकी सेना के बेस मौजूद हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को भी पूरी तरह बंद करने की धमकी दोहराई है जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई रुक सकती है।
खाड़ी देशों पर इसका क्या असर पड़ रहा है?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह तनाव सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती बन गया है। ईरान की तरफ से साफ कहा गया है कि पानी साफ करने वाले प्लांट और सूचना तकनीक के बुनियादी ढांचे भी उनके निशाने पर रहेंगे। क्षेत्र में हुई हालिया घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है।
| देश | ताजा हालात और कार्रवाई |
|---|---|
| UAE | ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोका गया। |
| सऊदी अरब | पूर्वी हिस्से में 4 ड्रोन मार गिराए और ईरानी राजनयिकों को निकाला। |
| इराक | बगदाद एयरपोर्ट के सैन्य बेस पर ड्रोन से हमला हुआ। |
| अमेरिका | डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। |
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा, तो क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा। फिलहाल G7 देशों ने ईरान के इन हमलों और धमकियों की निंदा की है और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की बात कही है।





