Iran US Tension: ईरान ने दी Strait of Hormuz बंद करने की चेतावनी, अमेरिका की हमले की धमकी पर दिया कड़ा जवाब
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के Khatam al-Anbiya हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफाघारी ने बयान दिया है कि अगर अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाया, तो Strait of Hormuz को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद आई है जिसमें उन्होंने ईरान के बिजली घरों को तबाह करने की बात कही थी।
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ईरान की जवाबी कार्रवाई की योजना क्या है?
ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज की जलडमरूमध्य तब तक दोबारा नहीं खोली जाएगी जब तक नष्ट हुए पावर प्लांट फिर से नहीं बन जाते। इसके अलावा ईरान ने उन क्षेत्रीय देशों को भी चेतावनी दी है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ईरान का कहना है कि उनके ऊर्जा और सूचना तकनीक के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाएंगे। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे व्यापार और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।
क्षेत्रीय ब्लैकआउट और सुरक्षा पर संभावित प्रभाव
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने चेतावनी दी है कि बुनियादी ढांचे पर हमला होने से पूरे क्षेत्र में बिजली गुल हो सकती है। मेहर समाचार एजेंसी ने भी इस बात को दोहराया है कि सीमित हमले से भी पूरे इलाके में अंधेरा छा सकता है। इस बीच आईएमओ में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा है कि फिलहाल रास्ता खुला है लेकिन केवल दुश्मन देशों के जहाजों पर पाबंदी लगाई गई है।
| क्षेत्र | संभावित खतरा और कार्रवाई |
|---|---|
| Strait of Hormuz | समुद्री यातायात को पूरी तरह ठप करना |
| Power Plants | क्षेत्रीय देशों के बिजली घरों को निशाना बनाना |
| Infrastructure | पानी साफ करने वाले और आईटी ठिकानों पर हमला |
| Maritime Rules | जहाजों से सुरक्षित मार्ग के लिए शुल्क वसूलने का बिल |
ईरान ने हाल ही में इजरायल के डिमोना और अराद जैसे इलाकों में मिसाइल हमले किए थे। जनरल जोलफाघारी ने संकेत दिया है कि ईरानी कमांडरों ने अब युद्ध की नई तकनीकों और उन्नत हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान के इन कदमों की निंदा की है और समुद्री रास्तों की सुरक्षा का भरोसा दिया है।





