ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने एक बड़ा बयान जारी कर इज़राइल को कड़ी चेतावनी दी है। 22 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर दी गई इस जानकारी में कहा गया कि ईरान इज़राइल के सभी पावर प्लांट, ऊर्जा के ठिकानों और सूचना प्रौद्योगिकी (ICT) ढांचे को बड़े स्तर पर निशाना बनाएगा। ईरान का कहना है कि उसके अपने महत्वपूर्ण संसाधनों पर हुए हमलों के जवाब में यह कदम उठाया जाएगा।

🚨: Iran US Tension: ईरान की खाड़ी देशों को बड़ी धमकी, अमेरिकी बेस वाले देशों के पावर प्लांट पर हमले का खतरा

ईरान ने हमले के लिए किन वजहों का दिया हवाला?

ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीबादी ने बताया कि देश के पानी और बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका और इज़राइल के साइबर हमलों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान की तरफ से दी गई धमकियों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान के दर्जनों Water Treatment Plant और सप्लाई नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा और IT ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।
  • अगर पावर प्लांट पर हमला हुआ, तो ईरान Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर देगा।
  • IRGC ने पहले ही ऊर्जा संपत्तियों को पूरी तरह नष्ट करने की कसम खाई है।

इस तनाव का क्षेत्र पर क्या असर हो रहा है?

पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष की वजह से हालात काफी बिगड़ गए हैं। इज़राइल के कई शहरों जैसे जेरूसलम, होलोन और बैट याम में मिसाइल हमलों और मलबे गिरने की खबरें आई हैं। जंग के मौजूदा हालात को इस तरह समझा जा सकता है:

संस्था या व्यक्ति महत्वपूर्ण घटनाक्रम
WHO जंग खतरनाक स्तर पर पहुंची, परमाणु ठिकानों के पास हमले हुए।
Benjamin Netanyahu मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा किया और दुनिया से मदद मांगी।
Russia ईरानी नेताओं की हत्या के गंभीर परिणाम होने की चेतावनी दी।
Turkey तनाव कम करने के लिए उच्च स्तर पर बातचीत की कोशिशें कीं।

इस बीच इज़राइल की रेलवे सेवा ने कुछ रूटों पर फिर से संचालन शुरू किया है, जहां मलबे गिरने की वजह से ट्रेनें रुकी थीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है कि परमाणु ठिकानों के पास हो रही बमबारी से हालात बेकाबू हो सकते हैं।